Jamshedpur : गर्मी की दस्तक के साथ ही जमशेदपुर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या विकराल रूप धारण करने लगी है। प्रखंड के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख पंचायतों-पूर्वी घोड़ाबांधा, पश्चिमी घोड़ाबांधा और उत्तरी घोड़ाबांधा में पीने के पानी की भारी किल्लत देखी जा रही है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पहल की है। झामुमो के जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन और उपाध्यक्ष सागेन पूर्ति के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त को क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराते हुए एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें तीनों पंचायतों के प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द पानी का नया कनेक्शन देने की पुरजोर मांग की गई है।



आबादी के अनुरुप कनेक्शन बढ़ाने की मांग
सौंपे गए ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर विशेष रूप से प्रकाश डाला है कि इन तीनों पंचायतों (पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी घोड़ाबांधा) में पहले से ही 'जुस्को' द्वारा जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में इन क्षेत्रों में शहरीकरण और आबादी का घनत्व बहुत तेजी से बढ़ा है। आबादी बढ़ने के कारण वर्तमान जल अवसंरचना और मौजूदा कनेक्शन क्षेत्र की पूरी जनसंख्या की प्यास बुझाने में असमर्थ साबित हो रहे हैं। आज भी इन पंचायतों के अंतर्गत आने वाली कई बस्तियों के सैकड़ों परिवार ऐसे हैं, जिन्हें अब तक वैध पानी का कनेक्शन नहीं मिल पाया है। इसके चलते एक ही क्षेत्र में कुछ घरों में पानी की उपलब्धता है, जबकि एक बड़ी आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है।

गर्मी में पेयजल किल्लत, बस्तियों बढ़ रही परेशानी
झामुमो जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी का पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे ग्रामीण और बस्ती इलाकों में पानी की किल्लत की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं झामुमो नेताओं से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई थी और जल्द से जल्द नया पानी का कनेक्शन दिलाने के लिए गुहार लगाई थी। जलस्तर नीचे चले जाने के कारण चापाकलों ने भी काम करना बंद कर दिया है, जिससे बस्तियों के लोग पूरी तरह से टैंकरों या दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर हो गए हैं। प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से कहा कि यदि इस भीषण गर्मी में ग्रामीणों को पानी के नए कनेक्शन तुरंत नहीं दिए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति अनियंत्रित हो सकती है और लोगों को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकने पर मजबूर होना पड़ेगा।

शीघ्र जलापूर्ति के लिए जिला प्रशासन के हस्तक्षेप की मांग
प्रतिनिधिमंडल का मानना है कि सामान्य तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से इतनी जल्दी नए कनेक्शन देना संभव नहीं है। चूंकि गर्मी अपने चरम पर है, इसलिए इस आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सीधे हस्तक्षेप और सहयोग की सख्त आवश्यकता है। विक्टर सोरेन और सागेन पूर्ति ने उपायुक्त से आग्रह किया है कि वे विशेष दिशा-निर्देश जारी कर जुस्को प्रबंधन और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करें। जिला प्रशासन की मदद और तत्परता से ही कम से कम समय में कागजी कार्रवाई को पूरा कर, पाइपलाइन का विस्तार करते हुए छूटे हुए घरों तक पानी का नया कनेक्शन पहुंचाना सुनिश्चित किया जा सकता है।

समस्या के समाधान के लिए होगी ठोस पहल
झामुमो प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने और मांग पत्र पर विचार करने के बाद उपायुक्त राजीव रंजन ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल और घोड़ाबांधा के ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन पेयजल की समस्या को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। उपायुक्त ने भरोसा दिलाया कि इस संकट को दूर करने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर जल्द ही ठोस और त्वरित पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जुस्को के अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता कर तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाएगा, ताकि प्रभावित तीनों पंचायतों के निवासियों को गर्मी के इस मौसम में पानी के संकट से राहत मिल सके।