Jamshedpur news: जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत दलदली पंचायत के इटामारा ग्राम में ग्रामवासियों द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पारंपरिक उल्लास एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। गांव की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम ने ग्रामीण परिवेश को उत्सवमय बना दिया। कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य, गीत-संगीत और लोक संस्कृति की आकर्षक प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रतिनिधि पलटन मुर्मू उपस्थित हुए। उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेकर ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।


ग्रामीण संस्कृति हमारी असली पहचान : पलटन मुर्मू
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रतिनिधि पलटन मुर्मू ने कहा कि गांवों की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता ही हमारी वास्तविक पहचान है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी आदिवासी एवं ग्रामीण संस्कृति को बचाकर रखना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विधायक मंगल कालिंदी हमेशा से आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक कला और ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के पक्षधर रहे हैं। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में लगातार सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़ी रहे।

पारंपरिक नृत्य और गीत-संगीत ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। ढोल, मांदर और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कलाकारों ने आदिवासी संस्कृति की झलक पेश की, जिससे पूरा माहौल उत्साह और उमंग से भर गया। ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं की प्रस्तुतियों को लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकारों का तालियों के साथ स्वागत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने ग्रामीण संस्कृति की समृद्ध विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने की जरूरत
विधायक प्रतिनिधि पलटन मुर्मू ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। गांवों के कलाकारों में अपार क्षमता होती है, लेकिन उन्हें अक्सर उचित मंच और अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि विधायक मंगल कालिंदी लगातार ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने और उन्हें प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी संस्कृति और पारंपरिक कला को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाएं। सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में भाईचारा और सामाजिक एकता को भी मजबूत करने का कार्य करते हैं।

मुखिया समेत कई ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में युवा नेता तपन माझी, मुखिया सुजाता हांसदा, लालमोहन बसके, गालूराम टुडू सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने ग्रामीणों को सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए बधाई दी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मजबूत होती है सामाजिक एकता
ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन गांवों में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं के बारे में जानने का अवसर मिलता है। ग्रामीणों ने विधायक मंगल कालिंदी एवं विधायक प्रतिनिधि पलटन मुर्मू का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में लगातार सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण कलाकारों का मनोबल बढ़ रहा है। लोगों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन होता रहेगा, जिससे गांव की सांस्कृतिक विरासत और अधिक मजबूत होगी।