Jamshedpur News: जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और पेयजल की समस्याओं को लेकर समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने राज्य सरकार के मंत्रियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को गंभीर बताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। इस दौरान ग्रामीण जनता से जुड़े कई अहम मुद्दों को विस्तार से रखा गया, जिनमें विद्यालयों की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी, खराब चापाकल तथा जलापूर्ति संकट प्रमुख रहे।


शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग
समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्या कुमार से मुलाकात कर ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कई गांवों के विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूलों में एक या दो शिक्षकों के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना कठिन हो गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई विद्यालय भवन जर्जर स्थिति में हैं। बरसात के दिनों में बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी होती है तथा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने विद्यालय भवनों की मरम्मत एवं नए कमरों के निर्माण की मांग की।

छात्र-छात्राओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने पर जोर
ज्ञापन में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा भी उठाया गया। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि ग्रामीण स्कूलों में पुस्तकालय, शौचालय, पेयजल और खेल सामग्री जैसी आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। इससे बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल शिक्षा, कंप्यूटर लैब तथा पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही गरीब एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक सहायता योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

पेयजल संकट से ग्रामीण परेशान
इसके बाद समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद से मुलाकात कर क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई गांवों में चापाकल खराब पड़े हैं, जबकि कई जलमीनार बंद अवस्था में हैं। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण महिलाओं एवं बच्चों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नियमित जलापूर्ति नहीं होने से लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है। ज्ञापन में खराब चापाकलों की मरम्मत एवं नई पेयजल योजनाओं की मांग की गई।

शीघ्र समस्या समाधान की मांग
विश्वनाथ महतो ने मंत्रियों से आग्रह किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि पानी जीवन की सबसे बुनियादी आवश्यकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

मंत्रियों ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
दोनों मंत्रियों ने समाजसेवी विश्वनाथ महतो द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से सुना। मंत्री सुदिव्या कुमार ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया, वहीं मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने पेयजल संकट के समाधान हेतु विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की बात कही। मंत्रियों ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और जनता से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रही है। समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने भी उम्मीद जताई कि सरकार जल्द सकारात्मक पहल कर क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करेगी।