Jamshedpur News: पूर्वी सिंहभूम जिले में बिरसा हरित ग्राम योजना के अंतर्गत आम उत्पादक किसानों को बाजार से जोड़ने तथा उनके उत्पादों के बेहतर विपणन के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में खरीदार–विक्रेता मीट (Buyers-Seller Meet) का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने की। इस दौरान आम उत्पादन, गुणवत्ता, बाजार उपलब्धता तथा किसानों से सीधे खरीद की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लाभुकों के आम बागानों में उत्पादन हो रहा है, उन सभी पौधों की जियो टैगिंग एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से पूरी की जाए ताकि विपणन प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।


किसानों को बाजार से जोड़ने की पहल
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण किसानों की आय में वृद्धि करना तथा उन्हें सीधे बाजार से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से किसानों को न केवल बागवानी के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, बल्कि उनके उत्पादों के उचित मूल्य एवं विपणन की भी व्यवस्था की जा रही है। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों और खरीदारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर उत्पादों की बिक्री की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को बाजार की उचित सुविधा और समय पर भुगतान उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने तथा किसानों के हितों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया, ताकि बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को लाभ मिल सके।

जियो टैगिंग कार्य को एक सप्ताह में पूरा करने का निर्देश
बैठक में उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने विशेष रूप से आम पौधों की जियो टैगिंग के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जिन लाभुकों के बागानों में आम का उत्पादन हो रहा है, उन सभी पौधों की जियो टैगिंग एक सप्ताह के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि जियो टैगिंग के माध्यम से उत्पादन क्षेत्र की सही पहचान होगी और विपणन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाया जा सकेगा।
उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से किसानों के उत्पादों की ट्रैकिंग आसान होगी और भविष्य में बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा इससे योजना की निगरानी एवं मूल्यांकन कार्य भी अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

किसानों से सीधे आम खरीद की प्रक्रिया जारी
बैठक में बाजार समिति जमशेदपुर के सचिव एवं ऑल सीजन फ्रेश फार्म निर्यातक, जमशेदपुर द्वारा जानकारी दी गई कि बिरसा हरित ग्राम योजना के लाभुक बीरा टुडू, पंचायत रावतरा, प्रखंड धालभूमगढ़ से लगभग 1600 किलोग्राम आम की खरीद की जा रही है। इसके अलावा होपो मंडी तथा अन्य दो लाभुकों से करीब 5000 किलोग्राम आम की खरीद की प्रक्रिया प्रगति पर है। बैठक में यह भी बताया गया कि किसानों को उनके उत्पाद का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से सुनिश्चित किया गया है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और किसानों को समय पर राशि प्राप्त हो सके। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में और अधिक किसानों को इस प्रक्रिया से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है।

गुणवत्ता एवं विपणन व्यवस्था पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान आम की गुणवत्ता, भंडारण, पैकेजिंग एवं बाजार उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। खरीदार पक्ष के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि किसानों द्वारा गुणवत्ता मानकों का पालन किया जाए तो स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक में किसानों से सीधे खरीद को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया, ताकि बिचौलियों की भूमिका कम हो और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। अधिकारियों ने कहा कि जिले में उत्पादित आम की गुणवत्ता बेहतर है और उचित विपणन व्यवस्था उपलब्ध होने पर इसकी मांग अन्य राज्यों तक भी बढ़ सकती है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं एवं एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधि रहे उपस्थित
बैठक में कई विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसमें निदेशक एनईपी, ऑल सीजन फार्म फ्रेश, ईको लाइफ इंडिया रांची, टाटा स्टील फाउंडेशन जमशेदपुर, टैगोर सोसाइटी पटमदा, जिला उद्यान पदाधिकारी, बाजार समिति के सचिव, डीपीएम जेएसएलपीएस, बीपीएम, जेएसएलपीएस, एफपीओ, बीपीओ मनरेगा, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, एटीएम, बीटीए सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।