Jamshedpur जमशेदपुर से सटे सरायकेला-खरसावां जिले के ओपी क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध के खिलाफ एक और सख्त कार्रवाई की है। क्षेत्र में लगातार मिल रही गुप्त शिकायतों और हालिया घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, चांडिल अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) विकास कुमार रॉय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर के विभिन्न संदेहास्पद इलाकों में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस औचक कार्रवाई से इलाके के अवैध मांस कारोबारियों में गया है। अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी थी। एसडीओ विकास कुमार रॉय के साथ पुलिस बल के जवान और नगर परिषद के सिटी मैनेजर शकील अनवर मुख्य रूप से मौजूद रहे। सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल मुस्तैद था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या विरोध से निपटा जा सके।




पिछले दिनों ग्रामीणों ने गोवंश से लदे एक वाहन को था
मामले की पृष्ठभूमि की जानकारी देते हुए चांडिल एसडीओ विकास कुमार रॉय ने बताया कि पिछले दिनों क्षेत्र में ग्रामीणों ने गोवंश से लदे एक वाहन को था। उस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में दम घुटने या चोट लगने के कारण दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश था और प्रशासन को लगातार यह इनपुट मिल रहे थे कि ओपी क्षेत्र के कुछ अंदरूनी इलाकों में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे हैं, जहां प्रतिबंधित जानवरों का वध किया जाता है। इन गंभीर शिकायतों की सत्यता जांचने और अवैध धंधे पर लगाम लगाने के लिए कोर्ट के निर्देशों और सरकारी नियमों के तहत इस त्वरित छापेमारी की रूपरेखा तैयार की गई।

जांच में मिले दो वैध
छापेमारी अभियान के दौरान प्रशासनिक टीम ने के अलग-अलग हिस्सों में स्थित कई मांस दुकानों और का औचक निरीक्षण किया। इस गहन जांच के दौरान दो ऐसे भी पाए गए, जिनके पास संचालन के लिए सभी आवश्यक और वैध सरकारी दस्तावेज मौजूद थे। बारीकी से की गई जांच के बाद अधिकारियों ने पाया कि इन दोनों स्थानों पर किसी भी प्रकार की संदिग्ध या अवैध गतिविधि नहीं चल रही थी और वे नियमों के दायरे में रहकर काम कर रहे थे। प्रशासन ने कानून सम्मत काम करने वाले दुकानदारों को परेशान नहीं किया और उन्हें स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए।

ताहिर की दुकान पर छापेमारी और जब्ती
प्रशासनिक टीम जब के एक अन्य चिन्हित ठिकाने पर पहुंची, जो ताहिर नामक व्यक्ति का था, तो वहां का नजारा बदला हुआ था। टीम के आने की भनक लगते ही संचालक दुकान बंद कर फरार हो चुका था। जब अधिकारियों ने शक के आधार पर दुकान के पिछले हिस्से और परिसर की गहन तलाशी ली, तो वहां से प्रतिबंधित गोवंश (गायें) बरामद की गईं। जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि यह बिना किसी लाइसेंस और सरकारी अनुमति के पूरी तरह अवैध रूप से चलाया जा रहा था। को अवैध पाए जाने के बाद प्रशासन ने नगर पालिका अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की। अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से दुकान को सील कर दिया और संचालक पर भारी वित्तीय जुर्माना भी लगाया।

बेकाबू गाय को पुलिस ने
इस पूरी छापेमारी के दौरान कुल दो जीवित गायों को तस्करों और अवैध संचालकों के चंगुल से मुक्त कराकर जब्त किया गया। हालांकि, कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भारी जमा हो गई थी। के शोर-शराबे और हंगामे को देखकर जब्त की गई गायों में से एक गाय अचानक डर गई और बेकाबू होकर मौके से भागने लगी। गाय के भागने से की तंग गलियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लेकिन नगर परिषद के सिटी मैनेजर शकील अनवर ने सूझबूझ दिखाई और उनके नेतृत्व में पुलिस बल के जवानों ने मुस्तैदी से गाय का पीछा किया। काफी मशक्कत के बाद भाग रही बेकाबू गाय को सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया गया और उसे ओपी (आउटपोस्ट) लाया गया।

जब्त गोवंश को गौशाला भेजने का निर्देश
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तस्करों से मुक्त कराई गई दोनों गायों की सुरक्षा और स्वास्थ्य उनकी पहली प्राथमिकता है। ओपी में कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद, दोनों जानवरों को सुरक्षित और उचित रखरखाव के लिए स्थानीय मान्यता प्राप्त गौशाला में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कानून व्यवस्था से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा
चांडिल एसडीओ विकास कुमार रॉय ने चेतावनी देते हुए कहा कि और आसपास के क्षेत्रों में कानून व्यवस्था से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में भी किसी व्यक्ति या समूह द्वारा प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी, अवैध कटान या किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियां संचालित करने की कोशिश की गई, तो प्रशासन इससे भी और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे ऐसे अवैध कामों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।