Jamshedpur News: जमशेदपुर के पुराना सोनारी बस्ती में शनिवार की रात लोक संस्कृति और परंपरा के रंगों से सराबोर रही। स्थानीय ‘विकास समिति’ की ओर से कार्मेल जूनियर कॉलेज के पीछे स्थित मैदान में विशाल छऊ नृत्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें देर रात तक लोग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, कला प्रेमी और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे दर्शक शामिल हुए। पूरा मैदान पारंपरिक संगीत, ढोल-नगाड़ों और कलाकारों की अद्भुत प्रस्तुतियों से गूंज उठा। आयोजन ने यह साबित कर दिया कि आज भी लोक संस्कृति के प्रति लोगों का लगाव कम नहीं हुआ है।

पुरुलिया और उला की टीमों ने बांधा समां
कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के ‘सहाय संघ, चकिरबन’ के उस्ताद त्रिलोचन महतो तथा लावजोड़ा के उला स्थित ‘सनराइन छऊ अकादमी’ के उस्ताद निबारन महतो अपनी टीम के साथ पहुंचे थे। दोनों टीमों के कलाकारों ने पारंपरिक छऊ नृत्य की ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। कलाकारों की रंग-बिरंगी वेशभूषा, आकर्षक मुखौटे और युद्ध शैली पर आधारित नृत्य ने लोगों को रोमांचित कर दिया। धार्मिक और पौराणिक कथाओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिसे लोगों ने खूब सराहा। कलाकारों के तालमेल और ऊर्जा ने कार्यक्रम को और भी जीवंत बना दिया।

रातभर झूमते रहे दर्शक, खूब किया मस्ती 
छऊ नृत्य की प्रस्तुति देर रात तक चलती रही और दर्शकों का उत्साह लगातार बना रहा। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भारी भीड़ मौजूद थी। ढोल, धामसा और शहनाई की धुन पर कलाकारों की प्रस्तुति ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कई दर्शक मंच के सामने खड़े होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते दिखाई दिए। पारंपरिक लोक कला की इस भव्य प्रस्तुति ने आधुनिकता के दौर में भी ग्रामीण संस्कृति की गहराई और उसकी लोकप्रियता को उजागर किया। लोगों ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कार्यक्रम में पहुंचे कई आम व खास 
इस सांस्कृतिक आयोजन में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ वरिष्ठ झामुमो नेता सह समाजसेवी आस्तिक महतो, झामुमो नेता अजय रजक, लालटू महतो, अशोक सिंह और रतन महतो समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे। सभी अतिथियों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और लोक संस्कृति के संरक्षण पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत भी किया गया। लोगों ने इस आयोजन को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का प्रतीक बताया।

संस्कृति हमारी पहचान : सरयू राय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सरयू राय ने कहा कि छऊ नृत्य हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। उन्होंने विकास समिति की सराहना करते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को लोक कला और परंपराओं को बचाने के लिए आगे आना चाहिए। सरयू राय ने कहा कि छऊ केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और इतिहास का जीवंत रूप है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

आयोजन को सफल बनाने में समिति की अहम भूमिका
कार्यक्रम की सफलता के पीछे विकास समिति के सदस्यों की मेहनत और समर्पण महत्वपूर्ण रहा। समिति के अध्यक्ष धनंजय महतो के नेतृत्व में उत्तम महतो, तपन महतो, निपुन मिश्रा, धनेश कर्मकार, अशोक कुमार सिंह, रामू महतो, कमल आदित्य, गोरा चंद दास, अखिलेश्वर महतो, नवीन महतो, चित्तो मंडल, मनोज महतो, कार्तिक महतो, स्वपन राय, हीरू दास, संजय बोस और तारापदो महतो सहित कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। समिति के सदस्यों ने बताया कि उनका उद्देश्य लोक कला और संस्कृति को जीवित रखना तथा नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि लोक संस्कृति आज भी समाज की आत्मा है और इसे संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।