Jamshedpur News: जमशेदपुर के घाघीडीह गांव में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। गांव के लोगों ने एकजुट होकर प्रशासन से सरकारी भूमि को बचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सार्वजनिक जमीन पर कुछ लोग जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे भविष्य में गांव के सामुदायिक हित प्रभावित हो सकते हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की।

ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी को सौंपा मांग पत्र
शुक्रवार को घाघीडीह गांव के कई ग्रामीण अंचल कार्यालय पहुंचे और अंचलाधिकारी मनोज कुमार से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों ने एक लिखित मांग पत्र सौंपते हुए सरकारी जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि घाघीडीह मौजा के खाता संख्या 1075 एवं प्लॉट संख्या 4990 की जमीन सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है, लेकिन कुछ लोग उस पर अवैध तरीके से निर्माण कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अनुरोध किया कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए ताकि भविष्य में कोई विवाद उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों ने खुद भी किया था जमीन अतिक्रमण का विरोध
ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन तक मामला पहुंचाने से पहले उन्होंने अपने स्तर से अतिक्रमण रोकने का प्रयास किया था। गांव के लोगों ने निर्माण कार्य कर रहे व्यक्तियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो सरकारी भूमि पर स्थायी कब्जा हो सकता है, जिससे गांव के विकास कार्यों पर असर पड़ेगा। गांव के बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
मामले की जानकारी मिलते ही अंचलाधिकारी मनोज कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक टीम को अतिक्रमण स्थल पर भेजा। अंचल कार्यालय की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति का निरीक्षण किया और वहां चल रहे निर्माण कार्य को तुरंत बंद कराने का निर्देश दिया। प्रशासनिक टीम ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी जमीन पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने संबंधित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दोबारा निर्माण कार्य शुरू किया गया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई का किया स्वागत
अंचल कार्यालय की त्वरित कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में संतोष देखा गया। गांव के लोगों ने कहा कि प्रशासन ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया, जिससे सरकारी जमीन बचाने की उम्मीद बढ़ी है। ग्रामीणों ने मांग की कि प्रशासन इस मामले की नियमित निगरानी करे ताकि दोबारा अतिक्रमण की कोशिश न हो। कई ग्रामीणों ने यह भी कहा कि गांव की सरकारी जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए होती है और उस पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

सरकारी जमीन बचाने को लेकर बढ़ी जागरूकता
घाघीडीह की इस घटना के बाद गांव के लोगों में सरकारी संपत्तियों को बचाने को लेकर जागरूकता बढ़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की जमीन, तालाब, सड़क और अन्य सार्वजनिक संपत्तियां सामूहिक धरोहर हैं, जिन्हें बचाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि सरकारी जमीनों की नियमित जांच कराई जाए और अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।