Jamshedpur News : भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आगामी 24 मई 2026 को दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित होने वाले भव्य “जनजाति सांस्कृतिक समागम” कार्यक्रम को लेकर झारखंड सहित पूरे देश के जनजातीय समाज में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में 22 मई 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन से जनजाति सुरक्षा मंच के कोल्हान प्रभारी सुरा बिरुली के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आनंद विहार स्पेशल ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुआ। इस दल में कोल्हान क्षेत्र के जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला-खरसावां से लगभग 600 लोग शामिल हुए, जबकि पूरे झारखंड से करीब 5000 प्रतिनिधियों के कार्यक्रम में शामिल होने की जानकारी दी गई।

देशभर की 500 से अधिक जनजातियों की होगी भागीदारी
आयोजकों के अनुसार दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में देशभर की 500 से अधिक जनजातियों के लगभग डेढ़ लाख प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम का उद्देश्य भगवान बिरसा मुंडा की गौरवशाली विरासत को स्मरण करना, जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान करना तथा सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विभिन्न राज्यों से जनजातीय समाज के महिला-पुरुष, युवा और सांस्कृतिक दल पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ दिल्ली पहुंचेंगे।

दिल्ली में निकलेगी भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा
जनजाति सांस्कृतिक समागम के अवसर पर दिल्ली में भव्य सांस्कृतिक शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा दिल्ली के पांच अलग-अलग स्थानों से प्रारंभ होकर लाल किला मैदान तक पहुंचेगी। शोभायात्रा में जनजातीय समाज की सांस्कृतिक विविधता, लोकनृत्य, पारंपरिक गीत-संगीत और पारंपरिक वाद्ययंत्र आकर्षण का केंद्र होंगे। आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन देश की जनजातीय संस्कृति, परंपरा और पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का प्रयास है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे संबोधित
कार्यक्रम में भारत सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के जनजातीय प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और कई प्रमुख संगठन भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। आयोजकों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया था और आज का यह आयोजन उनके विचारों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।

जनजाति सुरक्षा मंच ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
जनजाति सुरक्षा मंच की ओर से कार्यक्रम के माध्यम से पांच प्रमुख मांगें भी रखी गई हैं। मंच ने धर्मांतरण पर रोक लगाने और जनजातीय धर्म-संस्कृति की रक्षा करने की मांग की है। इसके अलावा प्रलोभन देकर कराए जा रहे धर्मांतरण पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मंच ने यह भी कहा कि धर्मांतरित जनजातीय लोगों के नाम अनुसूचित जनजाति सूची से हटाए जाएं। साथ ही धर्मांतरित व्यक्तियों को अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के आधार पर चुनाव लड़ने, सरकारी पद प्राप्त करने और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने से रोकने की मांग भी उठाई गई।

कई सामाजिक कार्यकर्ता और प्रतिनिधि रहे मौजूद
टाटानगर स्टेशन से दिल्ली रवाना होने के दौरान जनजाति सुरक्षा मंच के कई पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर सिकंदर हेम्ब्रोम, बाबूराम लागुरी, प्रमोदनाथ, प्रदीप, सतनाम, बुधराम सिरका, विरजलाल लागुरी, सुभाष तिरिया, दुर्गा बोदरा, जितेंद्र जगरनाथ दिग्गी, राजेंद्र हेम्ब्रोम, शकुंतला गुइया, पुतकार गुइया और सचिन तिरिया समेत कई लोग उपस्थित थे। सभी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह आयोजन जनजातीय समाज की एकता, संस्कृति और अधिकारों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।