Parsudih news : महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और मजबूत बनाने के लिए परसूडीह के प्रमथनगर स्थित लोकनाथ भवन में दो दिवसीय “चैत्र सेल” की शुरुआत हुई। बंग बंधु संस्था की अध्यक्ष अर्पणा गुहा के नेतृत्व में आयोजित यह मेला 8 और 9 अप्रैल तक चलेगा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य उन महिलाओं को आगे लाना है जो अपने घरों से छोटा-मोटा कारोबार चलाती हैं। मेले में न केवल जमशेदपुर बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी और महिलाओं का उत्साह बढ़ाने पहुंच रहे हैं।
दीप प्रज्ज्वलन और अतिथियों का स्वागत
कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों द्वारा दीप जलाकर किया गया। इस मौके पर आयोजन समिति ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया। पूरे परिसर को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था और सुबह से ही महिलाओं की चहल-पहल ने यहाँ के माहौल को उत्सव में बदल दिया।
जब एक महिला खुद के पैरों पर खड़ी होती है, तो परिवार तरक्की करता है : पंकज
मेले का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि पंकज सिन्हा ने बहुत ही सरल शब्दों में महिलाओं की तारीफ की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में महिलाएं किसी भी मामले में पुरुषों से पीछे नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब एक महिला खुद के पैरों पर खड़ी होती है, तो उसका पूरा परिवार तरक्की करता है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि परसूडीह जैसे क्षेत्र में इस तरह का बड़ा मंच मिलना स्थानीय महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है और सरकार भी ऐसी कोशिशों को हमेशा बढ़ावा देगी।
कई महिलाओं में है गजब का हुनर:अर्पणा गुहा
आयोजन की सूत्रधार अर्पणा गुहा ने मेले के पीछे की अपनी सोच साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने देखा है कि कई महिलाओं में गजब का हुनर है, वे बहुत अच्छी चीजें बनाती हैं, लेकिन उन्हें बेचने के लिए सही जगह नहीं मिलती। इसी कमी को दूर करने के लिए बंग बंधु ने यह 'चैत्र सेल' लगाया है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ दो दिन का मेला लगाना नहीं, बल्कि इन महिलाओं के मन से यह डर निकालना है कि वे बिजनेस नहीं कर सकतीं।
आज के समय में प्रचार-प्रसार बहुत जरूरी
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद वरिष्ठ पत्रकार अमृता ने महिलाओं के आत्मविश्वास पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रचार-प्रसार बहुत जरूरी है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे जो भी उत्पाद बना रही हैं, उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। जब काम अच्छा होगा, तो लोग खुद-ब-खुद खिंचे चले आएंगे। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी बात की कि कैसे ऐसे आयोजनों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।
इस पहल को सामाजिक बदलाव की एक कड़ी बताया
कांग्रेस के जिला महासचिव अजय मंडल ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की एक कड़ी बताया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि समाज का विकास तभी मुमकिन है जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे बाजार के ब्रांडेड सामानों के बजाय इन महिलाओं द्वारा बनाए गए स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि आपकी एक छोटी सी खरीदारी किसी परिवार की खुशियों का कारण बन सकती है।
महिलाओं के बीच पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाया
लायंस क्लब की चेयरपर्सन लायन सारिका सिंह ने महिलाओं के बीच पहुंचकर उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि महिलाएं स्वभाव से ही बहुत मेहनती होती हैं और अब वक्त आ गया है कि वे अपनी इस मेहनत को अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लायंस क्लब जैसी संस्थाएं भी भविष्य में ऐसी कर्मठ महिलाओं को हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार रहेंगी। उन्होंने 'चैत्र सेल' को महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण बताया।
मेले के स्टॉल और उत्पादों की खास झलक
मेले में कदम रखते ही आपको चारों तरफ रंग-बिरंगे स्टॉल नजर आएंगे। यहाँ महिलाओं ने खुद के बनाए हुए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई है। स्टॉलों पर खूबसूरत साड़ियां, डिजाइनर कुर्तियां, हस्तनिर्मित बैग और चूड़ियों का बड़ा कलेक्शन मौजूद है। इसके अलावा घर के बने शुद्ध मसाले, अचार, आयुर्वेदिक उत्पाद, औषधीय साबुन और घर सजाने के सुंदर सामान भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ये सभी चीजें महिलाओं ने अपनी मेहनत और रचनात्मकता से तैयार की हैं।
50 प्रतिशत तक की भारी छूट और लोगों की भीड़
खरीदारी को किफायती बनाने के लिए इस सेल में एक खास आकर्षण रखा गया है। लगभग सभी स्टॉलों पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। यही वजह है कि चैत्र के महीने में त्योहारों की खरीदारी के लिए यहाँ लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। दोपहर होते-होते लोकनाथ भवन में पैर रखने की जगह नहीं बची। लोग न केवल सामान खरीद रहे हैं, बल्कि महिलाओं के हुनर को देखकर उनकी तारीफ भी कर रहे हैं।
9 अप्रैल तक आम जनता के लिए खुला रहेगा
यह सेल 9 अप्रैल की रात 9 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा। आयोजन समिति और संभव संस्था की अध्यक्ष ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे इस मेले में एक बार जरूर आएं। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजनों से मिलने वाला प्रोत्साहन महिलाओं को भविष्य में बड़ी उद्यमी बनने के लिए प्रेरित करेगा। कुल मिलाकर, परसूडीह का यह आयोजन खरीदारी के साथ-साथ नारी शक्ति के सम्मान का भी एक बड़ा उत्सव बन गया है।



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