जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर सर्किट हाउस में रणनीतिक बैठक
इस ऐतिहासिक आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के लिए गुरुवार को जमशेदपुर स्थित सर्किट हाउस में भूमिज समाज के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध जनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए घंटों मंथन हुआ। समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि हरीश चंद्र सिंह और सुदर्शन भूमिज ने बताया कि जयंती समारोह को सफल बनाने के लिए प्रमंडल स्तर से लेकर प्रखंड और पंचायत स्तर तक प्रभारियों की नियुक्ति कर दी गई है। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुँचकर समाज के लोगों को इस आयोजन का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें।
50 हजार से अधिक लोगों की भागीदारी और विधायक संजीव सरदार का संरक्षण
आयोजन समिति ने इस वर्ष 50 हजार से अधिक लोगों को गोपाल मैदान में एकत्रित करने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। शहर में पहली बार भूमिज समाज इतने व्यापक और संगठित स्तर पर अपने महानायक की जयंती मना रहा है। इस भव्य कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए पोटका विधायक संजीव सरदार को मुख्य संरक्षक नियुक्त किया गया है। उनकी देखरेख में समाज के विभिन्न संगठनों को एक सूत्र में पिरोया जा रहा है ताकि कार्यक्रम अनुशासित और प्रभावशाली हो। सिंहभूम प्रमंडल के तीनों जिलों (पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां) के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम से भी समाज के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
सुबह की पूजा-अर्चना और वैचारिक गोष्ठी से होगा शुभारंभ
समारोह का शुभारंभ 25 अप्रैल की सुबह पारंपरिक विधि-विधान के साथ वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की पूजा-अर्चना से होगा। इसके पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें समाज के बुद्धिजीवी, इतिहासकार और युवा वक्ता शहीद गंगा नारायण सिंह के जीवन संघर्ष और 'चुआड़ विद्रोह' या 'भूमिज विद्रोह' में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालेंगे। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को यह बताना है कि कैसे उनके पूर्वजों ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी थी। वक्ता इस दौरान समाज की वर्तमान दशा और दिशा पर भी अपने विचार साझा करेंगे।
पारंपरिक सरहुल नृत्य और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन
दोपहर के सत्र में गोपाल मैदान की छटा पूरी तरह सांस्कृतिक होगी। भूमिज समाज अपनी समृद्ध और प्राचीन विरासत को दुनिया के सामने रखेगा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय दलों द्वारा भव्य सरहुल नृत्य और अन्य पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। मांदर और नगाड़ों की गूँज के बीच समाज के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। आयोजकों का मानना है कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल मनोरंजन होता है, बल्कि समाज की अपनी पहचान और परंपराएं भी जीवित रहती हैं। यह मंच स्थानीय कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन अवसर साबित होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा स्टील के अधिकारियों का होगा आगमन
शाम के समय एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जो इस समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। इस जनसभा में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार के कई मंत्रियों और टाटा स्टील के वरिष्ठ अधिकारियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन समिति इस मंच का उपयोग समाज की मांगों को सरकार के समक्ष रखने और शहीद गंगा नारायण सिंह के योगदान को राजकीय स्तर पर और अधिक पहचान दिलाने के लिए करेगी। बैठक में बलराम सिंह, भोला सरदार, राधेश्याम सिंह, विभीषण सरदार और अन्य सदस्यों ने इस पर अपनी सहमति जताई है।
प्रतिमा स्थापना की मांग और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल
समारोह में केवल भाषण और नृत्य ही नहीं होंगे, बल्कि समाज की आर्थिक और सामाजिक झलक भी देखने को मिलेगी। मैदान में पारंपरिक व्यंजनों और हस्तशिल्प की वस्तुओं के विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जहाँ लोग समाज की संस्कृति से रूबरू हो सकेंगे। इसके साथ ही, आयोजन समिति ने एक महत्वपूर्ण मांग दोहराई है कि टाटा स्टील प्रबंधन जमशेदपुर शहर में वीर शहीद गंगा नारायण सिंह की एक भव्य प्रतिमा स्थापित करने के लिए उचित स्थान और भूमि उपलब्ध कराए। यह प्रतिमा शहर के गौरव को बढ़ाएगी और आने वाली पीढ़ियों को वीर सेनानी की याद दिलाती रहेगी।

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