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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026: नवल टाटा हॉकी अकादमी के कैडेट्स ने झारखंड को दिलाया रजत पदक

 Jamshedpur News: जमशेदपुर की धरती ने हमेशा से ही खेल जगत को चमकते सितारे दिए हैं। इसी कड़ी में एक और सुनहरा अध्याय जुड़ गया है। नवल टाटा हॉकी अकादमी (NTHA) के होनहार कैडेट्स ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 26 मार्च से 1 अप्रैल तक चली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में इन खिलाड़ियों ने न केवल झारखंड का मान बढ़ाया, बल्कि रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि सही प्रशिक्षण और मेहनत से राष्ट्रीय स्तर पर सफलता पाना संभव है।



अकादमी की मजबूत बुनियाद और आठ चमकते सितारे

इस प्रतियोगिता में झारखंड की टीम की सफलता के पीछे नवल टाटा हॉकी अकादमी के आठ प्रमुख खिलाड़ियों का बहुत बड़ा योगदान रहा। इन खिलाड़ियों ने टीम के 'बैकबोन' (मजबूत आधार) की तरह काम किया। इन आठ नायकों के नाम इस प्रकार हैं:

  • नवीन केरकेट्टा

  • दिलबर बारला

  • दानियाल सोय

  • सिमोन बोदरा

  • सेम मुंडा

  • भीमसेन किस्कू

  • जुनुल पुर्ती

  • जयमसीह टुटी

अकादमी की उच्च प्रदर्शन वाली ट्रेनिंग और आधुनिक सुविधाओं ने इन खिलाड़ियों को इस काबिल बनाया कि वे राष्ट्रीय स्तर की कठिन चुनौतियों का सामना कर सकें।

टूर्नामेंट में झारखंड का दबदबा और टीम वर्क

पूरे टूर्नामेंट के दौरान झारखंड की टीम ने बेहद आक्रामक और तकनीकी रूप से परिपक्व हॉकी का प्रदर्शन किया। नवल टाटा हॉकी अकादमी के इन कैडेट्स ने मैदान पर जो तालमेल दिखाया, वह काबिले तारीफ था। तकनीकी दक्षता के साथ-साथ इन खिलाड़ियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी मानसिक मजबूती का परिचय दिया। लीग मैचों से लेकर सेमीफाइनल तक, टीम ने एक इकाई के रूप में खेलते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को पस्त किया और फाइनल की राह आसान बनाई।

रोमांचक फाइनल: ओडिशा के खिलाफ संघर्ष

प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला झारखंड और ओडिशा के बीच खेला गया। दोनों ही टीमें हॉकी की गढ़ मानी जाती हैं, इसलिए मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद थी। मैच के दौरान झारखंड की टीम ने ओडिशा को कड़ी टक्कर दी और अंत तक हार नहीं मानी। हालांकि, स्कोरबोर्ड पर परिणाम ओडिशा के पक्ष में रहा और उसने 4-1 से जीत दर्ज की। झारखंड के लिए संघर्ष करते हुए एकमात्र गोल जयमसीह टुटी ने किया। भले ही टीम स्वर्ण पदक से चूक गई, लेकिन उपविजेता बनकर रजत पदक जीतना भी राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

तकनीकी दक्षता और मानसिकता की जीत

मैदान पर इन आठों खिलाड़ियों का प्रदर्शन केवल शारीरिक मजबूती तक सीमित नहीं था। उनकी तकनीकी सूक्ष्मता और रणनीतिक सोच ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। अकादमी में दिए गए प्रशिक्षण ने उन्हें यह सिखाया है कि दबाव के क्षणों में कैसे शांत रहकर सही निर्णय लिया जाए। जयमसीह टुटी का गोल हो या नवीन और दिलबर का रक्षापंक्ति को संभालना, हर कैडेट ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई। उनके इस योगदान ने यह सुनिश्चित किया कि झारखंड राष्ट्रीय मानचित्र पर एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरे।

उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ते कदम

नवल टाटा हॉकी अकादमी (NTHA) ने अपने सभी आठ कैडेट्स की इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है और उन्हें हार्दिक बधाई दी है। यह सफलता अकादमी की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहाँ दूर-दराज के प्रतिभावान आदिवासी युवाओं को तराश कर उन्हें मुख्यधारा की खेल दुनिया से जोड़ा जाता है।


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