Ad Code

Responsive Advertisement

जमशेदपुर में 'आग' उगल रहा आसमान: गर्मी ने तोड़ा सब्र, क्या होगा आने वाले दिनों का हाल?

Jamshedpur News: जमशेदपुर की पहचान 'स्टील सिटी' के रूप में है, लेकिन आज इस शहर की पहचान एक तपती हुई भट्टी जैसी हो गई है। गुरुवार का दिन आम दिनों की तुलना में कहीं अधिक भारी रहा। सुबह के 10 बजते ही सूरज की किरणें सुई की तरह चुभने लगीं और दोपहर होते-होते शहर की रफ्तार थम सी गई। हर ओर बस एक ही चर्चा थी— "आज तो गजब की गर्मी है भाई!"



सड़कों पर नंगे पांव चलना हुआ मुहाल

आज जमशेदपुर की सड़कों की स्थिति ऐसी थी जैसे किसी ने उन पर गर्म कोयले बिछा दिए हों। साकची, बिष्टुपुर और मानगो जैसे व्यस्त इलाकों में भी दोपहर के वक्त सन्नाटा पसरा रहा। नंगे पांव सड़क पार करना तो दूर, जूते-चप्पल पहनकर भी पैर जमीन पर रखने पर जलन महसूस हो रही थी। जो लोग मजबूरी में बाहर थे, वे छांव की तलाश में भटकते दिखे। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों के लिए आज का दिन किसी परीक्षा से कम नहीं था, क्योंकि गर्मी की वजह से ग्राहक घरों से बाहर ही नहीं निकले।

बाइक सवारों चेहरे पर लगाया नकाब और आंखों पर पहना चश्मा

दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए आज का सफर किसी चुनौती से कम नहीं था। गर्म हवा के थपेड़े (लू) सीधे चेहरे पर लग रहे थे, जिससे त्वचा झुलसने का डर बना रहा। आज शहर में लगभग हर बाइक सवार अपने चेहरे को गमछे या हेलमेट से पूरी तरह ढके हुए नजर आया। आंखों को बचाने के लिए चश्मा अनिवार्य हो गया था। लोग लाल बत्तियों पर रुकने के बजाय पेड़ों की छांव तलाश रहे थे ताकि कुछ सेकंड की राहत मिल सके।

क्या सच में पारा 40 डिग्री पार कर गया?

आज लोगों को ऐसा महसूस हो रहा था मानो तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू गया हो। हालांकि मौसम विभाग के आंकड़े थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन 'फील लाइक' तापमान (महसूस होने वाला तापमान) निश्चित रूप से 42-43 डिग्री के आसपास था। जमशेदपुर की भौगोलिक स्थिति और यहाँ के भारी उद्योग व कंक्रीट के जंगलों के कारण गर्मी का प्रभाव अधिक महसूस होता है। उमस और लू के मेल ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।

पानी और शीतल पेय की बढ़ी मांग

इस भीषण गर्मी में शरीर को ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। शहर के कोने-कोने में गन्ने का रस, बेल का शरबत और लस्सी की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोग गला तर करने के लिए ठंडे पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी (Dehydration) होने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है, इसलिए लोग ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।

क्या घर से निकलना होगा नामुमकिन?

आज की स्थिति को देखते हुए जमशेदपुर के निवासियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अप्रैल की शुरुआत में यह हाल है, तो आने वाले एक सप्ताह में क्या होगा? मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में पारा और बढ़ सकता है। यदि यही सिलसिला जारी रहा, तो लोगों का घरों से बाहर निकलना पूरी तरह मुश्किल हो जाएगा। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समय काफी संवेदनशील होने वाला है। लू के प्रकोप को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव की चर्चा भी तेज हो गई है।

गर्मी से बचाव: आम आदमी क्या करें?

जब प्रकृति का प्रकोप इस तरह बरस रहा हो, तो सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। स्थानीय डॉक्टरों और जानकारों ने सलाह दी है कि:

  • दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक बाहर न निकलें।

  • यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।

  • खाली पेट बाहर न निकलें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें।

  • ओआरएस (ORS) या नींबू-पानी का नियमित सेवन करें।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement