Ad Code

Responsive Advertisement

Jamshedpur News: बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना का काम अंतिम चरण में, जून के प्रथम सप्ताह से घरों में पहुंचेगा शुद्ध पेयजल

Jamshedpur News: बागबेड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आ रही है। लंबे समय से अधर में लटकी बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति योजना अब हकीकत बनने के बेहद करीब है। जिला पार्षद डॉ. कविता परमार के नेतृत्व में शुक्रवार को विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ परियोजना स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि आगामी जून के प्रथम सप्ताह से क्षेत्र के हजारों घरों में नल से जल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग इस मिशन मोड में जुट गया है कि इस भीषण गर्मी में जनता को पानी के संकट से न जूझना पड़े। निरीक्षण के दौरान तकनीकी बारीकियों और पाइपलाइन के जटिल कार्यों की समीक्षा की गई, जिससे यह भरोसा जागा है कि दशक भर पुराना यह सपना अब साकार होने वाला है।




बड़ौदा घाट पर युद्ध स्तर पर जारी है पाइप बिछाने का काम

शुक्रवार सुबह निरीक्षण की शुरुआत बागबेड़ा बड़ौदा घाट से हुई। यह स्थल इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण तकनीकी केंद्र है। यहाँ नदी के ऊपर से पाइपलाइन ले जाने का कार्य सबसे चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था। कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि नदी के ऊपर पाइप बिछाने का जटिल इंजीनियरिंग कार्य अब अपने अंतिम चरण में है और अगले दो सप्ताह के भीतर इसे पूरी तरह से संपन्न कर लिया जाएगा। वर्तमान में यहाँ मजदूर और तकनीकी टीम दिन-रात काम कर रही है ताकि मानसून आने से पहले और गर्मी के चरम पर पहुँचने से पहले मुख्य लाइन को सुरक्षित रूप से जोड़ दिया जाए। इस पाइपलाइन के जुड़ते ही जलापूर्ति का मुख्य मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

सापड़ा इंटक वेल: मोटर और बिजली कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूर्ण

टीम ने आदित्यपुर स्थित सापड़ा का भी दौरा किया, जहाँ इस विशाल योजना के लिए इंटक वेल (Intake Well) का निर्माण किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इंटक वेल में पंपिंग मशीनरी, हाई-पावर मोटर और इलेक्ट्रिकल पैनल का काम लगभग 95% तक पूरा हो चुका है। बिजली कनेक्शन और पैनल बोर्ड की टेस्टिंग का काम भी अंतिम दौर में है। विभागीय अभियंताओं के अनुसार, इंटक वेल की कार्यक्षमता अब ऐसी स्थिति में है कि वहां से पानी की लिफ्टिंग शुरू की जा सके। यह परियोजना का हृदय स्थल है, जहाँ से खरकई नदी का पानी फिल्टरेशन प्लांट तक पहुँचाया जाएगा, और यहाँ की प्रगति संतोषजनक पाई गई है।



15 किलोमीटर की बाधाएं दूर, अंतिम पाइप कनेक्शन का लक्ष्य

इंटक वेल से लेकर गिदीझोपड़ी तक का करीब 15 किलोमीटर लंबा क्षेत्र इस योजना की लाइफलाइन है। इस पूरे रूट में पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई भौगोलिक और तकनीकी बाधाएं आई थीं, जिन्हें अब सफलतापूर्वक दूर कर लिया गया है। समीक्षा के दौरान पाया गया कि केवल कुछ ही पॉइंट्स पर पाइप जोड़ने का काम बाकी है, जिसे अगले सात दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पार्षद डॉ. कविता परमार ने निर्देश दिया कि जहाँ भी छोटी-मोटी तकनीकी अड़चनें हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए ताकि पूरी 15 किलोमीटर की लाइन एक सुचारू नेटवर्क के रूप में तैयार हो सके।

अगले 10 दिनों में शुरू होगा सबसे महत्वपूर्ण 'हाइड्रोटेस्टिंग' चरण

परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए अगले 10 दिनों के भीतर हाइड्रोटेस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कार्यपालक अभियंता ने विस्तार से बताया कि जलापूर्ति शुरू करने से पहले पाइपलाइन में पानी के भारी दबाव की जांच की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार के लीकेज या टूट-फूट का पता लगाया जा सके। यह किसी भी बड़ी जलापूर्ति योजना का सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा चरण होता है। यदि हाइड्रोटेस्टिंग सफल रहती है, तो जून के पहले सप्ताह में पानी की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी। इस दौरान विभाग की विशेष टीम पूरे 15 किलोमीटर के दायरे में निगरानी रखेगी ताकि किसी भी रिसाव को तुरंत दुरुस्त किया जा सके।

साप्ताहिक मॉनिटरिंग और प्रशासनिक सक्रियता से बढ़ी उम्मीदें

योजना को समय पर पूरा करने के लिए अब 'साप्ताहिक निरीक्षण' की रणनीति अपनाई गई है। डॉ. कविता परमार ने स्पष्ट किया कि वह प्रत्येक शुक्रवार को साइट का दौरा करेंगी और प्रगति रिपोर्ट सीधे उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को सौंपेंगी। इस निरीक्षण दल में मुखिया राजकुमार गोंड़, पंचायत समिति सदस्य राजू सिंह, झरना मिश्रा और अभिषेक उपाध्याय जैसे जन प्रतिनिधि भी शामिल रहे, जो स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को हल करने में सहयोग कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की इस सक्रियता ने बागबेड़ा की जनता में एक नई उम्मीद जगाई है कि इस बार उनकी प्यास बुझाने का सरकारी वादा धरातल पर उतरेगा।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement