जमशेदपुर:पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि संबंधी जटिल समस्याओं और राजस्व विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए एक नई और प्रभावी पहल शुरू की गई है। इसी कड़ी में सोमवार को जिले के विभिन्न पंचायत क्षेत्रों के तहसील कार्यालयों में 'तहसील कैंप दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता को उनके घर के समीप ही भूमि विवादों से मुक्ति दिलाना और स्थानीय स्तर पर पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा जाता है कि छोटे-मोटे भूमि विवादों के कारण ग्रामीणों को अनुमंडल या जिला मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे न केवल उनका समय बर्बाद होता है, बल्कि अनावश्यक मुकदमेबाजी भी बढ़ती है। जिला उपायुक्त के निर्देश पर आयोजित इन शिविरों ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने का काम किया है। सोमवार को आयोजित इस कैंप में राजस्व अधिकारियों की उपस्थिति में दर्जनों मामलों की ऑन-द-स्पॉट सुनवाई की गई, जिससे ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष का भाव देखा गया।


शिविर में आए 83 आवेदन, 17 मामलों का मौके पर ही हुआ निष्पादन

सोमवार को आयोजित इस तहसील कैंप दिवस के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार से जुड़े मामलों की भारी भीड़ उमड़ी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न अंचलों से कुल 83 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि राजस्व अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए प्राप्त आवेदनों में से 17 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया। इन मामलों में आपसी सहमति से जुड़े सीमा विवाद, वंशावली और लगान रसीद से जुड़ी सामान्य तकनीकी बाधाएं शामिल थीं। शेष 66 आवेदनों को संबंधित राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों को अग्रसारित कर दिया गया है, जिन पर नियमानुसार समयबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कैंप के दौरान राजस्व कर्मियों ने गहनता से पुराने दस्तावेजों की समीक्षा की और दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर निष्पक्ष निर्णय लेने का प्रयास किया।



त्वरित और पारदर्शी समाधान के साथ मुकदमेबाजी कम करने का लक्ष्य

जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस तहसील कैंप दिवस का दूरगामी लक्ष्य भूमि विवादों को शुरुआती स्तर पर ही सुलझाना है। प्रशासन का मानना है कि यदि पंचायत स्तर पर ही आपसी समन्वय और संवाद के माध्यम से विवादों का समाधान हो जाए, तो न्यायालयों पर बोझ कम होगा और गांवों में आपसी भाईचारा बना रहेगा। राजस्व कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रत्येक मामले की सुनवाई पूरी पारदर्शिता के साथ करें ताकि आमजन का भरोसा सरकारी तंत्र पर बना रहे। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे अपनी भूमि संबंधी समस्याओं, जैसे- म्यूटेशन, सीमांकन या स्वामित्व संबंधी विवादों के समाधान हेतु भविष्य में आयोजित होने वाले इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि सुधार की दिशा में यह अभियान आने वाले दिनों में और भी व्यापक रूप से चलाया जाएगा।