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पोटका की बेटियों ने विधानसभा में सीखा लोकतंत्र का पाठ

Jharkhand: पोटका के विधायक संजीव सरदार की पहल ने क्षेत्र की छात्राओं के लिए एक नया और प्रेरणादायक अध्याय खोल दिया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) पोटका की 31 छात्राओं को झारखंड विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण कराने की यह पहल न केवल सराहनीय है, बल्कि यह इस बात का उदाहरण भी है कि जनप्रतिनिधि यदि चाहें तो शिक्षा को अनुभवात्मक बना सकते हैं।

इस भ्रमण के दौरान छात्राओं को किताबों से बाहर निकलकर लोकतंत्र को प्रत्यक्ष रूप से देखने और समझने का अवसर मिला। आमतौर पर छात्राएं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के बारे में केवल पढ़ती हैं, लेकिन इस यात्रा ने उन्हें उन प्रक्रियाओं को जीवंत रूप में देखने का मौका दिया। यह अनुभव उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ाने वाला साबित हुआ।

तीन घंटे तक सदन की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अनुभव
 
छात्राओं ने करीब तीन घंटे तक झारखंड विधानसभा के सदन की कार्यवाही को ध्यानपूर्वक देखा। इस दौरान उन्होंने जाना कि किस प्रकार विधायक जनहित के मुद्दों को उठाते हैं, उन पर बहस करते हैं और अंततः निर्णय लिए जाते हैं। सदन के भीतर का वातावरण, अनुशासन और प्रक्रिया छात्राओं के लिए बिल्कुल नया अनुभव था। उन्होंने देखा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है जिसमें संवाद, बहस और निर्णय शामिल होते हैं। इस अनुभव ने छात्राओं के मन में लोकतंत्र के प्रति सम्मान और जिज्ञासा दोनों को बढ़ाया। कई छात्राओं ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने करीब से शासन व्यवस्था को काम करते हुए देखा।

बाल संसद की छात्राओं को मिला व्यावहारिक ज्ञान

इस शैक्षणिक भ्रमण की खास बात यह रही कि इसमें शामिल सभी छात्राएं अपने विद्यालय की बाल संसद की सदस्य हैं। इसलिए यह यात्रा उनके लिए और भी अधिक महत्वपूर्ण बन गई।

बाल संसद के माध्यम से छात्राएं पहले से ही नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया से परिचित होती हैं, लेकिन विधानसभा का यह अनुभव उनके लिए एक उच्च स्तर की सीख लेकर आया। उन्होंने समझा कि जिस प्रकार वे अपने विद्यालय में मुद्दों पर चर्चा करती हैं, उसी प्रकार बड़े स्तर पर विधानसभा में भी जनता से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होता है। इससे उनके भीतर नेतृत्व क्षमता को और अधिक निखारने की प्रेरणा मिली। यह अनुभव भविष्य में उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के लिए तैयार करेगा।

छात्राओं के लिए बना प्रेरणादायक और यादगार पल
 
इस यात्रा को छात्राओं ने अपने जीवन का एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा को करीब से देखने का मौका मिलना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा था।
कई छात्राओं ने यह भी कहा कि इस भ्रमण के बाद उनके मन में आगे चलकर समाज सेवा और राजनीति के क्षेत्र में योगदान देने की इच्छा जागृत हुई है। यह यात्रा उनके लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि एक ऐसी सीख बन गई है जो उनके भविष्य को दिशा दे सकती है। छात्राओं ने विधायक संजीव सरदार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने जो वादा किया था, उसे पूरा कर उन्होंने यह साबित किया कि जनप्रतिनिधि जनता की भावनाओं को समझते हैं।

वादा निभाने की मिसाल बने विधायक संजीव सरदार

इस पहल के पीछे एक दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी भी जुड़ी है। विद्यालय के एक कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विधायक संजीव सरदार से पिकनिक की मांग की थी। इस पर विधायक ने छात्राओं से कहा था कि वे उन्हें पिकनिक से भी बेहतर एक शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाएंगे। आज उन्होंने अपना वह वादा पूरा कर दिया। यह कदम यह दर्शाता है कि यदि जनप्रतिनिधि चाहें तो वे छात्रों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने मनोरंजन के बजाय शिक्षा को प्राथमिकता देकर एक मिसाल कायम की है। यह पहल अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती है कि वे भी अपने क्षेत्र के छात्रों के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें।

स्पीकर रबींद्रनाथ महतो से मिला मार्गदर्शन
 
भ्रमण के पश्चात छात्राओं को झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने अपने कक्ष में आमंत्रित किया। यह उनके लिए एक विशेष और सम्मानजनक क्षण था। इस दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए और स्पीकर ने उन्हें लोकतंत्र की गरिमा, जिम्मेदारियों और एक जागरूक नागरिक बनने के महत्व के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने छात्राओं को यह संदेश दिया कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी समझना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं ज्योति सागर और शुचिता कुमारी भी मौजूद थीं, जिन्होंने इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लोकतांत्रिक जागरूकता से मजबूत होगा भविष्य

विधायक संजीव सरदार ने इस अवसर पर कहा कि छात्र-छात्राओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक यात्राएं विद्यार्थियों को केवल जानकारी ही नहीं देतीं, बल्कि उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित भी करती हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज के प्रति अपनी भूमिका को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि अनुभव के माध्यम से ही सच्ची सीख मिलती है।

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