पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को धालभूम प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों का दौरा कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने मौदाशोली पंचायत के चीरूगोड़ा और महुलीशोल पंचायत के बिहिन्दा गांव में विकास योजनाओं एवं आजीविका गतिविधियों का सघन निरीक्षण किया।
ग्रामीणों से संवाद और तकनीक पर जोर
चीरूगोड़ा गांव में उपायुक्त ने सिनी टाटा ट्रस्ट के सहयोग से संचालित सौर आधारित जलापूर्ति योजना का अवलोकन किया। उन्होंने जल नल समिति के सदस्यों से संवाद करते हुए 35 घरों में 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करने और योजना के बेहतर रख-रखाव पर चर्चा की। उपायुक्त ने गाँव में 'स्वच्छता माहवारी अभियान' के तहत सैनेटरी पैड निस्तारण की स्थानीय तकनीक की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों द्वारा अपनाई गई यह अभिनव विधि अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणादायक है।
सब्जी खेती और महिला सशक्तिकरण का लिया जायजा
भ्रमण के दौरान उपायुक्त ने पॉली हाउस का निरीक्षण किया, जहाँ मृदा रहित विधि (Soilless farming) से सब्जियों की नर्सरी तैयार की जा रही है। उन्होंने माइक्रो लिफ्ट सिंचाई के माध्यम से 5 एकड़ में हो रही सब्जी खेती और मशरूम उत्पादन को देख किसानों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने 'आदिवासी नारी उत्थान आजीविका प्रोड्यूसर कंपनी' के कार्यों की जानकारी ली, जहाँ लगभग 3000 महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
बिहिन्दा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
महुलीशोल पंचायत के बिहिन्दा गांव पहुँचकर उपायुक्त ने मल्टी विलेज वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की कार्यप्रणाली और पानी की शुद्धता की जांच की। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लांट परिसर में पौधारोपण भी किया। मौके पर प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों के साथ भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

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