जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम: जिला मुखिया संघ, पूर्वी सिंहभूम के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग की निदेशक महोदया से शिष्टाचार मुलाकात कर पंचायतों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। यह बैठक जिला अध्यक्ष कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में आयोजित हुई, जिसमें पंचायत स्तर पर विकास, वित्तीय संसाधनों और प्रशिक्षण से संबंधित विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।



इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंचायतों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आवश्यक सुधारों को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी। निदेशक महोदया ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया, जिससे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में संतोष का माहौल देखने को मिला।

वित्त आयोग और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा


बैठक में पंचम राज्य वित्त आयोग, 15वें वित्त आयोग तथा पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पंचायतों के समुचित विकास के लिए वित्तीय संसाधनों का सही समय पर आवंटन और पारदर्शी उपयोग बेहद आवश्यक है।
इसके साथ ही, पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नियमित और प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकें। निदेशक महोदया ने इन सभी बिंदुओं पर सहमति जताते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश देने और सुधारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

मुखिया सम्मेलन के आयोजन की तैयारी, विकास को मिलेगा नया आयाम


जिला अध्यक्ष कान्हू मुर्मू ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान पंचायतों के समग्र विकास एवं जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को रखा गया, जिस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए इस तरह की पहल बेहद जरूरी है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में कोल्हान प्रमंडल में एक भव्य मुखिया सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में पंचायत सशक्तिकरण, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
इस प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष राकेश चंद्र मुर्मू, युवा मुखिया निताई मुंडा, सचिव सुनील किस्कू सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल थे। जिला मुखिया संघ पूर्वी सिंहभूम ने इस पहल को पंचायतों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।