Ad Code

Responsive Advertisement

सुवर्ण वर्णिक समाज ने रामनवमी जुलूस में उमड़े श्रद्धालुओं की सेवा की, साकची समेत कई इलाकों में बांटे चना और शरबत

 Jamshedpur News: रामनवमी विसर्जन जुलूस के दौरान सुवर्ण वर्णिक समाज की निर्मल नगर, कदमा और भुइयांडीह शाखाओं ने सेवा शिविर लगाकर हजारों श्रद्धालुओं के बीच खाद्य सामग्री और शीतल पेय का वितरण किया। सुवर्ण वर्णिक समाज द्वारा सेवा और सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की गई। समाज की निर्मल नगर (साकची), कदमा और भुइयांडीह शाखाओं ने भव्य सेवा शिविर लगाए। साकची स्थित कैंप में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर कमान संभाली और हजारों श्रद्धालुओं के बीच गुड़, चना, शरबत, बतासा, लड्डू और बिस्कुट का वितरण किया। इस अवसर पर सांसद विद्युत वरण महतो, प्रदेश अध्यक्ष संजय पोद्दार और जिला अध्यक्ष रवि मांझी सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।



साकची में भक्ति और सेवा का संगम: महिलाओं ने संभाली कमान

शनिवार को जमशेदपुर की सड़कों पर रामनवमी विसर्जन जुलूस की भव्यता देखते ही बन रही थी। इस दौरान सुवर्ण वर्णिक समाज, जमशेदपुर निर्मल नगर शाखा की ओर से साकची में एक विशाल सेवा केंद्र स्थापित किया गया। शिविर की खास बात यह रही कि यहाँ समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कड़कड़ाती धूप में जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं की सेवा की। महिलाओं की टोली ने पूरी आत्मीयता के साथ भक्तों के बीच गुड़, चना, शरबत, बतासा, लड्डू और बिस्कुट का वितरण किया। समाज के इस प्रयास की श्रद्धालुओं ने जमकर सराहना की, क्योंकि लंबी दूरी तय कर रहे लोगों के लिए यह अल्पाहार और शीतल पेय बड़ी राहत लेकर आया।

सांसद विद्युत वरण महतो सहित कई अतिथि थे मौजूद

सेवा शिविर के दौरान उत्साहवर्धन करने के लिए जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो भी पहुंचे। उनके साथ काले सिंह सरदार और सुवर्ण वर्णिक समाज के प्रदेश अध्यक्ष संजय पोद्दार ने भी सेवा कार्यों में हाथ बंटाया। शिविर में जिला अध्यक्ष रवि मांझी, उज्ज्वल दास, महादेव सेन और संदीप दत्ता जैसे प्रमुख सदस्य सक्रिय रहे। महिलाओं में रीता दास, सम्पा पोद्दार, रीना सेन, सोमा दत्ता, जया दत्ता और निशा मांझी ने प्रबंधन की कमान संभाली। गणमान्य अतिथियों ने समाज की इस पहल को सराहा और कहा कि धार्मिक आयोजनों में इस प्रकार की सामाजिक सेवा ही वास्तविक मानवता है।

कदमा और भुइयांडीह में भी सजे सेवा शिविर

सुवर्ण वर्णिक समाज का यह सेवा भाव केवल साकची तक सीमित नहीं रहा। विसर्जन जुलूस के रूट को ध्यान में रखते हुए समाज की अन्य शाखाओं ने भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। कदमा क्षेत्र में कदमा शाखा की ओर से भव्य कैंप लगाया गया, वहीं भुइयांडीह में भी स्थानीय शाखा के सदस्यों ने स्टॉल लगाकर श्रद्धालुओं की प्यास बुझाई। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में फैले इन सेवा केंद्रों ने यह सुनिश्चित किया कि शहर के किसी भी कोने से गुजरने वाले रामभक्तों को जलपान की कमी न हो। सामूहिक सहयोग से संचालित इन शिविरों ने शहर के सामाजिक सौहार्द को और मजबूती प्रदान की।

Post a Comment

0 Comments

Ad Code

Responsive Advertisement