जमशेदपुर: सुंदरनगर क्षेत्र स्थित केरूआडुंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू के नेतृत्व में सोमवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पंचायत क्षेत्र की जमीनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और एक लिखित मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पंचायत के अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी शामिल थे, जिन्होंने स्कूलों की बदहाल स्थिति को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने और स्थिति में सुधार लाने की अपील की।


डीएमएफटी फंड से मरम्मतीकरण की मांग


सौंपे गए मांग पत्र में केरूआडुंगरी पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी सरकारी स्कूलों का मरम्मतीकरण जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) फंड से कराने की मांग की गई। मुखिया कान्हू मुर्मू ने बताया कि डीएमएफटी फंड का उपयोग क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है, ऐसे में स्कूलों की मरम्मत के लिए इसका उपयोग बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि यदि इस फंड से स्कूलों का जीर्णोद्धार किया जाता है, तो बच्चों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा।

जर्जर भवनों से पढ़ाई पर असर


मुखिया ने बताया कि पंचायत क्षेत्र के अधिकांश सरकारी स्कूलों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। कई स्कूलों के भवन जर्जर हो गए हैं, दीवारों में दरारें आ गई हैं और छत से पानी टपकने की समस्या आम हो गई है।
बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब कक्षाओं के अंदर पानी भर जाता है या छत से लगातार पानी गिरता रहता है। ऐसे माहौल में बच्चों के लिए पढ़ाई करना बेहद मुश्किल हो जाता है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होती है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में रहती है।

जल्द कार्रवाई की मांग और उम्मीद


प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की नींव होती है, इसलिए स्कूलों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।मुखिया कान्हू मुर्मू ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक कदम उठाएगा। यदि समय रहते स्कूलों की स्थिति में सुधार किया जाता है, तो इसका सीधा लाभ क्षेत्र के बच्चों और उनके भविष्य पर पड़ेगा।