मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर बीएलओ व सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

जमशेदपुर : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को घाटशिला स्थित जगदीश चंद्र उच्च विद्यालय के आशा ऑडिटोरियम में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) एवं बीएलओ-सुपरवाइजरों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड सरकार, रांची के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम की उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह ने उपस्थित बीएलओ और बीएलओ-सुपरवाइजरों को विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने 44-बहरागोड़ा, 45-घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) तथा 46-पोटका (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत डुमरिया प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत सभी बीएलओ और बीएलओ-सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान मतदाता सूची के अद्यतन और शुद्धिकरण से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करना होगा तथा नए मतदाताओं का नाम जोड़ने, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और अन्य आवश्यक सुधारों की प्रक्रिया को सावधानीपूर्वक पूरा करना होगा।
उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों को नोशनल मकान संख्या (Notional House Number), मकानों पर लगाए जाने वाले स्टीकर, ASDD (Absentee, Shifted, Dead, Duplicate) की पहचान, लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (Logical Discrepancy) तथा SIR 2003 के साथ मैपिंग की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रक्रियाओं का सही तरीके से पालन करने से मतदाता सूची अधिक सटीक और त्रुटिरहित बन सकेगी।
उन्होंने बीएलओ और सुपरवाइजरों से अपेक्षा की कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करें, ताकि योग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल हो सके और किसी भी पात्र नागरिक का नाम छूटने न पाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने में बीएलओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने निर्वाचन से संबंधित प्रक्रियाओं को ध्यानपूर्वक समझा और आवश्यक जानकारी प्राप्त की। जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाना है, ताकि भविष्य में होने वाले चुनावों में मतदाता सूची पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित रह सके।

Post a Comment

0 Comments