जमशेदपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष पंचायत समिति सदस्यों का धरना

जमशेदपुर : जमशेदपुर प्रखंड अंतर्गत करनडीह स्थित प्रखंड कार्यालय के समक्ष मंगलवार को पंचायत समिति सदस्यों और विभिन्न पंचायत प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। सुबह 11 बजे से शुरू होकर शाम लगभग 4 बजे तक चले इस धरना में बड़ी संख्या में पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, उपमुखिया और वार्ड सदस्य शामिल हुए। प्रतिनिधियों ने पंचायत व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं और कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते हुए प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की।
धरना की अध्यक्षता जमशेदपुर प्रखंड प्रमुख पानी सोरेन ने की, जबकि जिला पार्षद परितोष सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सामने रखा और कहा कि पंचायत स्तर पर कई मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उन पर गंभीरता से पहल नहीं की जा रही है।
धरना के दौरान जिला पंचायती राज पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को सुना। प्रतिनिधियों ने पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा, जिसमें पंचायतों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं और शिकायतों का उल्लेख किया गया। मांग पत्र के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पंचायत समिति की नियमित मासिक बैठकें समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं। कई बार बैठकें तय होने के बावजूद संबंधित पदाधिकारी उपस्थित नहीं रहते, जिससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा प्रखंड और अंचल कार्यालयों में विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र—जैसे जाति, आय, आवासीय, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र—बनाने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का भी आरोप लगाया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की भ्रष्ट प्रथाओं पर तत्काल रोक लगनी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला पार्षद परितोष सिंह ने पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों को गंभीर बताते हुए कहा कि इन मुद्दों को संबंधित विभाग और मंत्री दीपिका पांडे तक पहुंचाया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान जल्द कराने का प्रयास किया जाएगा। वहीं जिला पंचायती राज पदाधिकारी सच्चिदानंद महतो ने भी प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि धरना के अंत में पंचायत समिति सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो प्रखंड विकास कार्यालय में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरना में उप प्रमुख शिव हांसदा, सतवीर सिंह बग्गा, किशोर सिंह, रैना पूर्ति, मनोज यादव, रुद्रो मुंडा, सुनील गुप्ता, सुशील कुमार, रवि कुरली, सोनिया भूमिज, द्रौपदी मुंडा, श्वेता जैन, आशा जायसवाल, सकरो सोरेन, आरती करूवा, सपना बेरा, सुनीता सिंह, गीतिका प्रसाद, झरना मिश्रा, बसंती सिंह, कंचन भूमिज, नमिता महतो, आर्या सिंह, मनीषा हाइबुरू, पंकज महतो, मनोज महतो, नारायण बेसरा, अनीता टुडू, सीनी सोय, घाटशिला प्रखंड प्रमुख सुशीला टुडू, उप प्रमुख गोपाल अग्रवाल, पंचायत समिति सदस्य सुमित्रा सोरेन, छाया रानी साहू, रफीक दास, धालभूमगढ़ प्रमुख देवल हांसदा, गम्हरिया प्रखंड प्रमुख अनीता टुडू, पोटका प्रखंड से सीताराम हांसदा, सरस्वती मुर्मू, बहरागोड़ा प्रखंड प्रमुख सुषमा मुर्मू सोरेन, उप प्रमुख मनोरंजन होता सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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