पोटका : झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित होने वाली आगामी शिक्षक पात्रता परीक्षा-2026 (JTET) में जनजातीय भाषा 'भूमिज' को शामिल किए जाने के निर्णय से क्षेत्र के शिक्षा जगत और भूमिज समाज में हर्ष की लहर है। इस ऐतिहासिक फैसले का स्वागत करते हुए भूमिज शिक्षक संघ, पोटका ने राज्य सरकार के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। संघ ने इसे भाषा के अस्तित्व और पहचान की जीत बताया है।
समाज और संस्कृति की बड़ी जीत
मंगलवार को पोटका प्रखंड के तेतला में आयोजित एक विशेष प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अपनी खुशी साझा की। संघ के सचिव दशरथ सरदार ने कहा कि भूमिज भाषा को जे-टेट की सूची में पुनः स्थान मिलना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह इस जनजातीय भाषा के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर है। शिक्षकों ने इसे समाज की सांस्कृतिक विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को अपनी मातृभाषा से जोड़े रखने का एक ठोस प्रयास बताया।
विधायक संजीव सरदार के प्रयासों की सराहना की
प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षकों ने स्थानीय विधायक संजीव सरदार की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया। संघ के सदस्यों ने बताया कि विधायक संजीव सरदार इस मांग को लेकर लंबे समय से प्रयासरत थे। उनके द्वारा लगातार शासन और प्रशासन के स्तर पर पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (प्राथमिक शिक्षा निदेशालय) ने इस पर मुहर लगाई। समाज ने उनके इस संघर्ष और प्रतिबद्धता के प्रति आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री और दिवंगत मंत्री के प्रति जताया सम्मान
भूमिज शिक्षक संघ ने इस निर्णय के लिए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और दिवंगत शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के प्रति भी गहरी संवेदना और आभार प्रकट किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने जनजातीय भाषाओं के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई है। दिवंगत मंत्री रामदास सोरेन के योगदान को याद करते हुए शिक्षकों ने कहा कि उनके कार्यकाल में शुरू हुए प्रयासों ने आज मूर्त रूप लिया है, जो पूरे समाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
स्थानीय युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए द्वार
इस निर्णय का सबसे बड़ा लाभ क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को मिलेगा। संघ के पदाधिकारियों का मानना है कि जे-टेट में भूमिज भाषा के शामिल होने से अब अभ्यर्थी अपनी मातृभाषा में परीक्षा दे सकेंगे। इससे न केवल उनके सफल होने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि प्राथमिक स्तर पर बच्चों को उनकी अपनी भाषा में शिक्षा देने के लिए योग्य शिक्षकों की कमी भी दूर होगी। यह कदम युवाओं के शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को एक नई और सकारात्मक दिशा प्रदान करेगा।
5. प्रेस वार्ता में बड़ी संख्या में शिक्षक व शिक्षाविद पहुंचे
तेतला में आयोजित इस प्रेस वार्ता में भूमिज शिक्षक संघ, पोटका के कई प्रमुख सदस्य और शिक्षाविद उपस्थित थे। इनमें मुख्य रूप से दशरथ सरदार, अमन सिंह सरदार, हिकीम सरदार, सिरन्तन सरदार, निलमोहन सरदार, हेमाल सरदार, कंचन सरदार, विष्णु सरदार, रोहित सरदार, कृष्णा सरदार, सुशीलदर सरदार, कमल सरदार, खोगेन सरदार, अजम्बर सरदार, अनिल सरदार, भागवत सरदार, सोमनाथ सरदार, ईश्वर सरदार, अहीर सरदार, सूरज सरदार, गौतम सरदार के साथ-साथ महिला प्रतिनिधि सविता सरदार और पिंकी सरदार सहित दर्जनों सदस्य शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में सरकार के इस फैसले को सराहा और भविष्य में भाषा विकास के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।

0 Comments