Patamda News: पटमदा क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर समाजसेवी Vishwanath Mahto ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त Rajeev Ranjan से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से बनी बुनियादी समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि गांवों में पेयजल, शिक्षा, सड़क और जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की गई।


विद्यालयों में पेयजल संकट से परेशान छात्र
ज्ञापन में ग्रामीण विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल की गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। बताया गया कि कई स्कूलों में आज भी बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है। छात्र-छात्राओं को पानी के लिए स्कूल परिसर से बाहर जाना पड़ता है, जिससे पढ़ाई भी प्रभावित होती है। विश्वनाथ महतो ने मांग की कि जिन विद्यालयों में पेयजल सुविधा नहीं है वहां तत्काल पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को परेशानी से राहत मिल सके।

बंद पड़े पुस्तकालयों से युवाओं की पढ़ाई प्रभावित
ज्ञापन में वर्ष 2022 में जिला परिषद क्षेत्र अंतर्गत स्थापित पुस्तकालयों का मुद्दा भी उठाया गया। बताया गया कि पुस्तकालय भवन बनने के बावजूद अब तक उनका संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अध्ययन की उचित सुविधा नहीं मिल रही है। विश्वनाथ महतो ने कहा कि ग्रामीण छात्रों के पास संसाधनों की कमी पहले से है, ऐसे में पुस्तकालय बंद रहने से उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जल्द पुस्तकालयों को चालू करने की मांग की।

खराब जलमीनार और चापाकलों से बढ़ी पानी की समस्या
भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े जलमीनार और चापाकलों की समस्या को भी गंभीर बताया गया। कई गांवों में जलापूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी है, जिससे लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि खराब पड़े जलमीनारों और चापाकलों की अविलंब मरम्मत कर पेयजल व्यवस्था को सुचारू किया जाए। विश्वनाथ महतो ने कहा कि गर्मी के समय पानी की समस्या ग्रामीण जनता के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है।

अधूरी सड़क योजनाओं से ग्रामीणों में नाराजगी
पटमदा और बोड़ाम प्रखंड में शिलान्यास के बाद भी कई सड़क निर्माण कार्य अधूरे पड़े होने का मुद्दा भी ज्ञापन में शामिल किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगहों पर सड़क निर्माण की गति बेहद धीमी है, जबकि कुछ योजनाएं शुरू होने के बाद अधर में लटक गई हैं। खराब और जर्जर सड़कों के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में स्थिति और खराब हो जाती है। ज्ञापन में सभी लंबित सड़क योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई।

मुआवजा और शिक्षकों की कमी का मुद्दा भी उठाया
ज्ञापन में बज्रपात और सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुआवजा राशि जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई। बताया गया कि कई पीड़ित परिवार लंबे समय से सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी पर भी चिंता जताई गई। कई स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विश्वनाथ महतो ने मांग की कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द शिक्षक प्रतिनियुक्ति की जाए। उपायुक्त ने ज्ञापन में उठाए गए सभी मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।