Jamshedpur News: जमशेदपुर के टाटानगर रेल यार्ड क्षेत्र में सोमवार देर रात एक जंगली जानवर दिखाई देने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक तौर पर इसे तेंदुआ बताया गया, जिसके बाद रेलवे प्रशासन और वन विभाग दोनों सक्रिय हो गए। घटना के बाद इलाके में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर विशेष निगरानी शुरू कर दी है और कई स्थानों पर ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं।

रात करीब साढ़े नौ बजे दिखा जानवर
जानकारी के अनुसार, टाटानगर रेल यार्ड में रेलवे ट्रैक के आसपास सोमवार रात लगभग 9:30 बजे एक जंगली जानवर घूमता हुआ देखा गया। सबसे पहले एक रेलकर्मी और आरपीएफ जवान की नजर उस पर पड़ी। रेलकर्मी ने इंजन से ही जानवर को घूमते देखा और उसका वीडियो भी बना लिया। वीडियो में जानवर कुछ देर तक इलाके में घूमता नजर आया और फिर लंबी घास की ओर चला गया।
इस घटना की सूचना तुरंत रेलवे अधिकारियों को दी गई। खबर मिलते ही रेल प्रशासन हरकत में आया और वहां काम कर रहे कर्मचारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही डीएफओ को भी मामले की जानकारी दी गई ताकि वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच कर सके।

वन विभाग और रेलवे ने शुरू की जांच
घटना के बाद डीएफओ कार्यालय की ओर से वन विभाग की टीम को टाटानगर रेल यार्ड भेजा गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी शुरू कर दी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यार्ड और आसपास के इलाकों में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। वन विभाग ने जानवर की गतिविधियों का पता लगाने के लिए कई जगहों पर ट्रैप कैमरे लगाए हैं। इन कैमरों के जरिए यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आखिर वह जानवर कौन था और वह किस दिशा में गया। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

मालगाड़ी के जरिए आने की आशंका
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह संभावना जताई जा रही है कि जंगली जानवर किसी मालगाड़ी के जरिए रेल यार्ड तक पहुंच गया हो। टाटानगर रेल यार्ड में देश के विभिन्न हिस्सों से मालगाड़ियां आती-जाती रहती हैं। ऐसे में यह संभव है कि जंगल क्षेत्र से किसी ट्रेन के माध्यम से जानवर यहां तक आ गया हो। हालांकि अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह जानवर वास्तव में तेंदुआ था या कोई अन्य वन्य जीव। रेलवे और वन विभाग दोनों इस पहलू पर जांच कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा जाएगा।

डीएफओ ने कहा- यह वाइल्ड कैट भी हो सकती है
डीएफओ सेवा आलम अंसारी ने बताया कि वीडियो और जानवर की चाल को देखकर ऐसा लग रहा है कि वह तेंदुआ नहीं बल्कि वाइल्ड कैट यानी जंगली बिल्ली भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि कई बार वाइल्ड कैट का आकार और चलने का तरीका तेंदुए जैसा प्रतीत होता है, जिससे भ्रम की स्थिति बन जाती है। वन विभाग की टीम वीडियो फुटेज और कैमरों में कैद तस्वीरों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों को रात में अकेले न जाने की सलाह दी गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
टाटानगर और आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों के दिखाई देने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। वर्ष 2022 में टाटानगर थाना क्षेत्र के मकदुमपुर इलाके में एक तेंदुआ दिखाई दिया था। उस समय ग्रामीणों ने डर और आक्रोश में आकर उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उस घटना के बाद कई दिनों तक इलाके में दहशत का माहौल बना रहा।इसके अलावा सारंडा, चाईबासा, चक्रधरपुर और आसपास के जंगल क्षेत्रों में हाथी, भालू और तेंदुए जैसे वन्य जीवों की आवाजाही की घटनाएं लगातार होती रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के घटते दायरे और बढ़ती मानवीय गतिविधियों के कारण वन्य जीव आबादी वाले इलाकों की ओर आ रहे हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ वन्य जीवों के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर भी जागरूक होने की आवश्यकता है।