Jamshedpur News: लौहनगरी के खेल जगत के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) की उभरती हुई खिलाड़ी श्रेया ने कटक में आयोजित इंडोर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतकर न केवल अपना नाम रोशन किया है, बल्कि संस्थान के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि रोइंग जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में टीएसएएफ के किसी खिलाड़ी द्वारा प्राप्त किया गया यह अब तक का पहला राष्ट्रीय पदक है।
कड़े मुकाबले में श्रेया का शानदार प्रदर्शन
कटक के खेल परिसर में आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के दिग्गज खिलाड़ियों का जमावड़ा लगा था। श्रेया ने अंडर-15 महिला व्यक्तिगत वर्ग में हिस्सा लिया। इस श्रेणी में देश के 9 अलग-अलग राज्यों की शीर्ष प्रतिभाएं मैदान में थीं। शुरुआत से ही मुकाबला बेहद कड़ा रहा, लेकिन श्रेया ने अपनी तकनीक, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए पदक की रेस में अपनी जगह बनाए रखी। अंततः, उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और उन्होंने कांस्य पदक पर कब्जा जमाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
टीएसएएफ के रोइंग प्रोग्राम की बड़ी कामयाबी
टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) लंबे समय से एडवेंचर स्पोर्ट्स और पारंपरिक खेलों में युवाओं को प्रशिक्षित कर रहा है। श्रेया की यह उपलब्धि टीएसएएफ के रोइंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की सफलता पर मुहर लगाती है। रोइंग में यह संस्थान का पहला राष्ट्रीय पदक है, जो यह दर्शाता है कि यहाँ का रोइंग आधारभूत ढांचा और कोचिंग अब राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन तैयार करने में सक्षम हो चुका है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह पदक आने वाले समय में जमशेदपुर से और भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोवर्स (Rovers) तैयार करने की राह आसान करेगा।
24 राज्यों और 500 से अधिक खिलाड़ियों के बीच मुकाबला
इस इंडोर नेशनल रोइंग चैम्पियनशिप की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें देश के 24 राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 500 से अधिक एथलीटों ने भाग लिया। इतने बड़े मंच पर, जहाँ प्रतियोगिता का स्तर बहुत ऊँचा था, पदक जीतना श्रेया की असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है। विशेष रूप से अंडर-15 वर्ग में जिस तरह का अनुशासन और एकाग्रता श्रेया ने दिखाई, उसकी सराहना चैम्पियनशिप के आयोजकों और अन्य प्रशिक्षकों ने भी की है।
भविष्य के चैंपियंस तैयार करने का मिशन
TSAF का मुख्य उद्देश्य हमेशा से युवा प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें तराशना रहा है। संस्थान वर्तमान में रोइंग के लिए एक मजबूत और टिकाऊ आधार तैयार करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। श्रेया जैसी खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग, सही पोषण और मानसिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है ताकि वे भविष्य में एशियाई खेलों और ओलंपिक जैसे वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। संस्थान की कोशिश है कि जमशेदपुर को रोइंग का एक प्रमुख केंद्र बनाया जाए।
जीत के बाद जमशेदपुर में खुशी की लहर
श्रेया की इस सफलता की खबर जैसे ही जमशेदपुर पहुंची, खेल प्रेमियों और टीएसएएफ परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। इस उपलब्धि पर खेल जगत की हस्तियों ने श्रेया और उनके कोचों को बधाई दी है। यह पदक न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उन सैकड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। श्रेया की जीत ने साबित कर दिया है कि सही दिशा और निरंतर मेहनत से किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है।


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