एशियन गेम्स के लिए तीन सितारों का चयन
इस चयन प्रक्रिया में टीएसएएफ के खिलाड़ियों ने विविध श्रेणियों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। अमन और अनीशा ने अपनी सहनशक्ति और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'लीड क्लाइंबिंग' इवेंट में अपनी जगह सुरक्षित की है। वहीं, अपनी बिजली जैसी फुर्ती के लिए जाने जाने वाले जोगा ने 'स्पीड क्लाइंबिंग' श्रेणी में क्वालीफाई किया है। खेल के एक्पर्ट का मानना है कि आने वाले कुछ क्वालीफाइंग आयोजनों में अकादमी के कुछ और खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं, जो भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूती प्रदान करेंगे।
खेल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया
प्रतिभाओं की खान बन चुकी है क्लाइंबिंग अकादमी
आज टीएसएएफ क्लाइंबिंग अकादमी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभाओं की खान बन चुकी है। अकादमी के प्रयासों से झारखंड और ओडिशा के दूरदराज के क्षेत्रों में 1000 से अधिक सक्रिय क्लाइंबर तैयार हुए हैं। खेल को व्यापक बनाने के लिए अकादमी ने निम्नलिखित ढांचा तैयार किया है:
- ग्रासरूट प्रशिक्षण
केंद्र: जो ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं को तलाशने का काम करते हैं। - सेंटर ऑफ
एक्सीलेंस: जहाँ एलीटखिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाती हैं। - राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय
दबदबा: अकादमी केखिलाड़ी अब तक 100 से अधिक बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में निरंतर पदक जीत रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमशेदपुर मिली अलग पहचान
2022 में टीएसएएफ के दो खिलाड़ियों ने भारत का किया था प्रतिनिधित्व
एशियन गेम्स 2022 में भी टीएसएएफ के दो खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन 2026 के लिए अब तक तीन खिलाड़ियों का क्वालीफाई करना अकादमी की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। अकादमी का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी 'प्रतिभा श्रृंखला' विकसित करना है, जो भविष्य में ओलंपिक जैसे मंचों पर तिरंगा फहरा सके। जमीनी स्तर से उत्कृष्टता तक का यह सफर केवल शुरुआत है; आने वाले समय में टीएसएएफ के ये 'स्पाइडरमैन' अंतरराष्ट्रीय दीवारों पर सफलता की नई इबारत लिखने के लिए तैयार हैं।

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