Jamshedpur News : भारतीय खेल जगत के लिए आज का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। जमशेदपुर स्थित टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन क्लाइंबिंग अकादमी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही दिशा और वैज्ञानिक प्रशिक्षण से किसी भी शिखर को छुआ जा सकता है। अकादमी के तीन होनहार खिलाड़ियों-अमन, अनीशा और जोगा-ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर आगामी एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। यह न केवल संस्थान के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है।
एशियन गेम्स के लिए तीन सितारों का चयन
इस चयन प्रक्रिया में टीएसएएफ के खिलाड़ियों ने विविध श्रेणियों में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। अमन और अनीशा ने अपनी सहनशक्ति और तकनीकी कौशल का प्रदर्शन करते हुए 'लीड क्लाइंबिंग' इवेंट में अपनी जगह सुरक्षित की है। वहीं, अपनी बिजली जैसी फुर्ती के लिए जाने जाने वाले जोगा ने 'स्पीड क्लाइंबिंग' श्रेणी में क्वालीफाई किया है। खेल के एक्पर्ट का मानना है कि आने वाले कुछ क्वालीफाइंग आयोजनों में अकादमी के कुछ और खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल हो सकते हैं, जो भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूती प्रदान करेंगे।
खेल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया
टीएसएएफ के अंतर्गत क्लाइंबिंग गतिविधियों की नींव वर्ष 2015 में रखी गई थी। उस समय भारत में स्पोर्ट क्लाइंबिंग के लिए न तो उन्नत बुनियादी ढांचा उपलब्ध था और न ही कोई संरचित वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली। चुनौतियों के बावजूद, टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन ने इस खेल को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने का बीड़ा उठाया। वर्ष 2021 में मात्र 10 स्थानीय खिलाड़ियों के साथ अकादमी की औपचारिक स्थापना हुई। महज पांच वर्षों के भीतर, एक छोटे से प्रयास ने एक सशक्त हाई-परफॉर्मेंस इकोसिस्टम का रूप ले लिया है।
प्रतिभाओं की खान बन चुकी है क्लाइंबिंग अकादमी
आज टीएसएएफ क्लाइंबिंग अकादमी केवल एक प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि प्रतिभाओं की खान बन चुकी है। अकादमी के प्रयासों से झारखंड और ओडिशा के दूरदराज के क्षेत्रों में 1000 से अधिक सक्रिय क्लाइंबर तैयार हुए हैं। खेल को व्यापक बनाने के लिए अकादमी ने निम्नलिखित ढांचा तैयार किया है:
- ग्रासरूट प्रशिक्षण केंद्र: जो ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाओं को तलाशने का काम करते हैं।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: जहाँ एलीट खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं दी जाती हैं।
- राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय दबदबा: अकादमी के खिलाड़ी अब तक 100 से अधिक बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में निरंतर पदक जीत रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जमशेदपुर मिली अलग पहचान
टीएसएएफ ने न केवल खिलाड़ी तैयार किए हैं, बल्कि भारत को वैश्विक क्लाइंबिंग मानचित्र पर एक 'होस्टिंग हब' के रूप में भी स्थापित किया है। अकादमी की विश्वस्तरीय सुविधाओं के कारण ही जमशेदपुर में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन संभव हो सका है। इनमें 2022 और 2023 की आईएफएससी एशियन किड्स क्लाइंबिंग चैंपियनशिप और 2024 की आईएफएससी एशियन यूथ क्लाइंबिंग चैंपियनशिप शामिल हैं। इन आयोजनों ने भारतीय खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों को समझने और विश्व के शीर्ष क्लाइंबर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने का अनुभव प्रदान किया है।
2022 में टीएसएएफ के दो खिलाड़ियों ने भारत का किया था प्रतिनिधित्व
एशियन गेम्स 2022 में भी टीएसएएफ के दो खिलाड़ियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन 2026 के लिए अब तक तीन खिलाड़ियों का क्वालीफाई करना अकादमी की निरंतर प्रगति को दर्शाता है। अकादमी का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी 'प्रतिभा श्रृंखला' विकसित करना है, जो भविष्य में ओलंपिक जैसे मंचों पर तिरंगा फहरा सके। जमीनी स्तर से उत्कृष्टता तक का यह सफर केवल शुरुआत है; आने वाले समय में टीएसएएफ के ये 'स्पाइडरमैन' अंतरराष्ट्रीय दीवारों पर सफलता की नई इबारत लिखने के लिए तैयार हैं।
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