शीर्ष नेतृत्व का विजन: "जीरो हार्म" और वैश्विक दृष्टिकोण
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि टाटा स्टील के सीईओ एवं एमडी, टी. वी. नरेंद्रन थे। उन्होंने अपने संबोधन में कंपनी के सबसे बड़े लक्ष्य—'जीरो फेटैलिटी' (शून्य मृत्यु दर)—पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल कागजी नियमों या अनुपालन (Compliance) तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे हमारे रोजमर्रा के व्यवहार और कार्य संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए। कार्यक्रम में एक खास सत्र टाटा स्टील नीदरलैंड के सीओओ आकाश लैचमैन का था, जिन्होंने वर्चुअली जुड़कर सुरक्षा के वैश्विक मानकों पर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे जोखिमों का पहले से अनुमान लगाकर और 'मानव-केंद्रित प्रणालियों' (Human-centric systems) को अपनाकर हम कार्यस्थल को दुर्घटनामुक्त बना सकते हैं।
समावेशन की नई पहल: 'वेलनेस लीडर अवॉर्ड्स' की शुरुआत
इस वर्ष के आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसका विस्तार और समावेशन रहा। टाटा स्टील ने 2025 के इन पुरस्कारों में पहली बार "वेलनेस लीडर अवॉर्ड्स" को शामिल किया। यह पहल इस सोच पर आधारित है कि सुरक्षा केवल दुर्घटनाओं को रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य (Health & Wellness) भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस नई श्रेणी के माध्यम से विभिन्न विभागों को अपने स्वास्थ्य प्रदर्शन में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। यह दर्शाता है कि टाटा स्टील अब 'होल्स्टिक वेलबीइंग' यानी समग्र कल्याण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जहाँ कर्मचारी की कार्यक्षमता के साथ-साथ उसकी सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जाता है।
फ्रंटलाइन वर्कर्स और वेंडर पार्टनर्स की महत्वपूर्ण भूमिका
टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु उठाया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा की इस यात्रा में हमारे 'फ्रंटलाइन वर्कर्स' और 'वेंडर पार्टनर्स' सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सुरक्षा केवल ऑफिस में बैठकर नहीं, बल्कि फील्ड पर काम करने वाले उन लोगों के सहयोग से सुनिश्चित होती है जो सीधी मशीनरी और प्लांट के संपर्क में रहते हैं। यूनियन ने इस बात की सराहना की कि पुरस्कारों का दायरा अब वेंडर पार्टनर्स तक पहुँच गया है, जो टाटा स्टील के साथ कदम से कदम मिलाकर सुरक्षा मानकों को लागू कर रहे हैं। यह सामूहिक प्रयास ही टाटा स्टील की सुरक्षा संस्कृति को दूसरों से अलग बनाता है।
नेतृत्व की जिम्मेदारी और व्यक्तिगत जवाबदेही
सेफ्टी, हेल्थ एवं सस्टेनेबिलिटी के वाइस प्रेसिडेंट राजीव मंगल ने अपने उद्घाटन भाषण में "व्यक्तिगत जवाबदेही" पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं है, बल्कि सुरक्षा और पर्यावरण जोखिमों को समाप्त करने के लिए खुद उदाहरण पेश करना है। संगठन अब इस दिशा में काम कर रहा है कि चाहे वह टाटा स्टील का स्थाई कर्मचारी हो या कॉन्ट्रैक्टर वर्कफोर्स, हर व्यक्ति अपने दैनिक निर्णयों में 'SHE' (सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण) के मूल्यों को समाहित करे। जब हर व्यक्ति खुद को एक 'सुरक्षा नेता' (Safety Leader) के रूप में देखेगा, तभी कार्यस्थल पूरी तरह सुरक्षित हो पाएगा।
विजेताओं का सम्मान: समर्पण और मेहनत को मिली पहचान
समारोह के दौरान विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया, जो उनके कड़े परिश्रम और समर्पण का परिणाम था। 'वेंडर पार्टनर' श्रेणी में मोहम्मद सुभानी अंसारी और मैया देवी टुडू जैसे कर्मठ कार्यकर्ताओं को 'सेफ्टी इवेंजेलिस्ट' के रूप में सम्मानित किया गया। वहीं, 'फ्रंटलाइन लीडर्स' में श्वेता कुमारी गुप्ता और बिनीत प्रकाश जैसे युवाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाया। ग्रुप अवॉर्ड्स में ओएमक्यू खोंदबोंद (OMQ Khondbond) को 'एपेक्स सेफ्टी टॉर्चबेयरर' का खिताब मिला, जबकि पर्यावरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए टाटा स्टील जमशेदपुर के कोक प्लांट्स को 'ग्रीन अवॉर्ड' से नवाजा गया। ये पुरस्कार केवल ट्राफियां नहीं हैं, बल्कि यह उस विश्वास का प्रतीक हैं जो टाटा स्टील अपने लोगों पर रखती है।
भविष्य की ओर कदम: एक सतत और सुरक्षित कल
समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की यह यात्रा कभी थमेगी नहीं। कार्यक्रम का सफल संचालन वाइस प्रेसिडेंट राजीव मंगल और चीफ सेफ्टी नीरज कुमार सिन्हा के मार्गदर्शन में हुआ। टाटा स्टील ने यह संदेश दिया कि वह न केवल लोहा बनाने वाली कंपनी है, बल्कि वह भविष्य बनाने वाली कंपनी है। एक ऐसा भविष्य जो सुरक्षित हो, जहाँ पर्यावरण को नुकसान न पहुँचे और जहाँ हर कर्मचारी शाम को सुरक्षित अपने घर लौटे। सीनियर लीडर्स, यूनियन प्रतिनिधियों और वेंडर पार्टनर्स की इस सामूहिक भागीदारी ने यह सुनिश्चित किया कि टाटा स्टील आने वाले वर्षों में भी 'सस्टेनेबल बिजनेस' के मामले में दुनिया का नेतृत्व करती रहेगी।

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