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साकची मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा भव्य गणगौर महोत्सव, स्वर्णरेखा तट पर गूंजे लोकगीत

 जमशेदपुर: लौहनगरी में राजस्थानी संस्कृति और आस्था का महापर्व 'गणगौर' बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मारवाड़ी सम्मेलन, साकची शाखा के तत्वावधान में मानगो स्थित स्वर्णरेखा नदी तट पर आयोजित इस महोत्सव में समाज की महिलाओं ने अटूट श्रद्धा के साथ सामूहिक गणगौर विसर्जन किया। पारंपरिक गीतों और अबीर-गुलाल की होली के बीच पूरा नदी तट राजस्थानी रंग में रंगा नजर आया।



आस्था और परंपरा का संगम: भगवान शिव-पार्वती की सामूहिक पूजा

गणगौर का पर्व विशेष रूप से महिलाओं के सौभाग्य और कुंवारी कन्याओं के लिए अच्छे वर की कामना का प्रतीक है। साकची मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष बजरंग लाल अग्रवाल ने पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पूजा प्रतिवर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आयोजित की जाती है। इस दिन सुहागन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं व्रत रखकर माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव (ईसर जी) की विधि-विधान से पूजा करती हैं।

स्वर्णरेखा नदी के पावन तट पर महिलाओं ने जंवारा और गणगौर की प्रतिमाओं का विसर्जन कर सुख-समृद्धि की कामना की। विसर्जन से पूर्व महिलाओं ने लोकगीतों के माध्यम से माता गौरी को विदाई दी, जिससे वातावरण अत्यंत भावुक और भक्तिमय हो गया।

राजस्थानी परिधान और सांस्कृतिक छटा

महोत्सव के दौरान साकची और आसपास के क्षेत्रों से आई महिलाएं पारंपरिक राजस्थानी परिधानों, विशेषकर लहरिया और चुनरी साड़ियों में सज-धज कर शामिल हुईं। विसर्जन के पश्चात महिलाओं ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

इस अवसर पर साकची शाखा की ओर से एक सराहनीय पहल करते हुए समाज की 300 बयावली बेटियों एवं बहुओं को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। संस्था का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखना है। इस सम्मान समारोह ने कार्यक्रम में उत्साह का अतिरिक्त संचार किया।

समाज के प्रबुद्धजनों की गरिमामयी उपस्थिति

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में साकची मारवाड़ी सम्मेलन की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर अध्यक्ष बजरंग लाल अग्रवाल के साथ महामंत्री बबलू अग्रवाल, कोषाध्यक्ष सन्नी संघी और अभिषेक अग्रवाल गोल्डी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त समाज के वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी जिनमें ओम प्रकाश रिंगसिया, विजय आनंद मूनका, संतोष अग्रवाल, अरुण बाकरेलवाल, लालचंद अग्रवाल, दीपक पारीक, अंशुल रिंगसिया, रमेश मूनका, अशोक गुप्ता, निर्मल पटवारी, दीपक चेतानी, सांवरमल अग्रवाल, सीताराम देबुका, कमल अग्रवाल, पुनीत कावंटिया, राहुल चौधरी, रोहित अग्रवाल, कुशल गनेड़ीवाल, विकास काउंटिया और मनोज अग्रवाल सहित भारी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे। सभी ने सामूहिक रूप से विसर्जन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया और समाज की एकता का परिचय दिया।

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