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बंगाल को तबाह करने की साजिश में भाजपा सत्ता खो देगी: ममता बनर्जी

Kolkata: ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल को अस्थिर करने की कोशिश भाजपा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भारी पड़ सकती है। शनिवार को पश्चिम बर्दवान के रानीगंज और पुरुलिया में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि अगर भाजपा बंगाल को “तबाह” करने की रणनीति अपनाती है, तो वह देश की सत्ता से हाथ धो बैठेगी। उन्होंने अपने भाषण में बार-बार यह दोहराया कि बंगाल की जनता बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगी और लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गरमाता जा रहा है।


मतदाता सूची पुनरीक्षण पर गंभीर आरोप


निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक ‘लक्ष्मण रेखा’ होनी चाहिए, लेकिन भाजपा सभी सीमाओं को लांघ चुकी है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयों से लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा


ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी करेगी और पहले से अधिक मजबूत जनादेश हासिल करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी का संगठन जमीनी स्तर पर मजबूत है और जनता का विश्वास उनके साथ है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा के “भ्रामक प्रचार” के बावजूद राज्य की जनता विकास और शांति के मुद्दों पर ही वोट करेगी।

दिल्ली विजय के लिए विपक्षी एकजुटता का आह्वान


अपने भाषण में ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय राजनीति की ओर भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में जीत के बाद उनका अगला लक्ष्य “दिल्ली विजय” होगा। इसके लिए वे सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने की कोशिश करेंगी। ममता ने कहा कि देश में लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष का एकजुट होना जरूरी है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

भाजपा पर ‘बुलडोजर राजनीति’ का आरोप


ममता बनर्जी ने भाजपा पर “बुलडोजर राजनीति” करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है, तो वह लोगों को जबरन बेदखल करने की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा, “वे बुलडोजर चलाकर सबको बाहर निकाल देंगे, लेकिन बंगाल की जनता ऐसा कभी नहीं होने देगी।” यह बयान उन्होंने जनता को सतर्क करने और भाजपा के खिलाफ माहौल बनाने के उद्देश्य से दिया।

रामनवमी झड़पों को लेकर प्रशासन पर सवाल


मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुई झड़पों का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी ने प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि घटना के बाद उचित कदम नहीं उठाए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मैं निर्वाचित मुख्यमंत्री हूं, लेकिन मेरी शक्तियां छीन ली गई हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य प्रशासन को जानबूझकर कमजोर किया जा रहा है ताकि कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।

हिंसा के जिम्मेदारों पर कार्रवाई का वादा


ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि अगर तृणमूल कांग्रेस दोबारा सत्ता में आती है, तो राज्य में हुई सभी हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें न्याय के कठघरे में लाया जाएगा। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बंगाल की राजनीति में बढ़ती गर्मी


पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन बयानों के बाद हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। ममता बनर्जी का यह बयान न सिर्फ राज्य की राजनीति को प्रभावित करेगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्षी एकता और भाजपा के खिलाफ रणनीति को नई दिशा दे सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी टकराव किस मोड़ पर पहुंचता 

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