जमशेदपुर : रामनवमी एवं चैती छठ पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों एवं आवश्यक सेवा प्रदाताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना तथा श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना था।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा न हो और सभी आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों।

शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना प्राथमिकता


बैठक के दौरान उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि रामनवमी जैसे बड़े धार्मिक पर्व पर शांति और सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहें।

उन्होंने पुलिस प्रशासन को विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। साथ ही यह भी कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।

जुलूस मार्ग और विसर्जन घाटों का संयुक्त सत्यापन


उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में निकलने वाले जुलूस और शोभायात्रा के मार्गों का संयुक्त रूप से सत्यापन किया जाए। इसके साथ ही विसर्जन घाटों का भी निरीक्षण कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से जुलूस मार्गों पर लटकते बिजली के तार, निर्माण सामग्री एवं अन्य अवरोधों को हटाने का निर्देश दिया। जगह-जगह बैरिकेडिंग करने, वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने और जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा भीड़ नियंत्रण के लिए स्टेज एवं माइक सेट की व्यवस्था करने, फ्लैग मार्च आयोजित करने तथा ड्रोन और वीडियो कैमरों के माध्यम से निगरानी रखने का भी निर्देश दिया गया।

आपातकालीन सेवाओं और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश


बैठक में आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि रणनीतिक स्थानों को चिन्हित कर वहां चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति की जाए। साथ ही सरकारी और निजी एम्बुलेंस की पर्याप्त संख्या में तैनाती सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अग्निशमन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यकतानुसार अग्निशामक वाहनों की तैनाती करने का निर्देश दिया। इसके अलावा क्रेन और टोचन वाहनों की भी व्यवस्था रखने को कहा गया, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
वैकल्पिक मार्गों की पहचान कर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।

नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता पर विशेष जोर


उपायुक्त ने कहा कि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके तहत साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत और प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अखाड़ा समितियों के साथ समन्वय स्थापित कर भीड़ नियंत्रण के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया। साथ ही झंडों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुसार रखने तथा आवश्यकतानुसार एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने को भी कहा गया। इसके अलावा पर्व के दिन शराबबंदी की घोषणा करने तथा शहर में भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक (नो-इंट्री) लगाने की सूचना व्यापक रूप से प्रचारित करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश


बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला नियंत्रण कक्ष में अनिवार्य सेवाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए सक्षम कर्मियों की तैनाती की जाए।इस दौरान सिटी एसपी श्री कुमार शिवाशीष, उप विकास आयुक्त श्री नागेंद्र पासवान, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम श्री अर्णव मिश्रा, उप नगर आयुक्त जेएनएसी श्री कृष्णा कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री धनंजय, एडीसी श्री संतोष गर्ग, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला श्री सुनील चंद्र, सिविल सर्जन सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।