जमशेदपुर: हरियाणा के भिवाड़ी में हुए हृदयविदारक हादसे ने ईचागढ़ प्रखंड के दो परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार नहीं, बल्कि अपने ही देश के दूसरे राज्य गए इन मजदूरों की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सोमवार को मृतकों के पैतृक गांव में आयोजित श्राद्धकर्म के दौरान माहौल अत्यंत गमगीन रहा। इस दुख की घड़ी में ईचागढ़ की विधायक सविता महतो स्वयं मृतकों के घर पहुंचीं और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। विधायक ने परिजनों के आंसू पोंछते हुए उन्हें सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि शासन-प्रशासन और वह व्यक्तिगत रूप से हर कदम पर उनके साथ खड़ी हैं। विधायक ने इस घटना को न केवल उन परिवारों के लिए, बल्कि पूरे ईचागढ़ क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और कहा कि एक जनप्रतिनिधि होने के नाते वह सुनिश्चित करेंगी कि इन परिवारों को भविष्य में किसी भी तरह की कठिनाई का सामना न करना पड़े।



निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से हुआ था बड़ा हादसा

घटना की पृष्ठभूमि पर गौर करें तो यह दर्दनाक हादसा हरियाणा के दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित कापड़ियावास क्षेत्र में हुआ था। वहां 'सिग्नेचर ग्लोबल सोसाइटी' की एक निर्माणाधीन साइट पर काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, खुदाई के दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसकी चपेट में वहां काम कर रहे मजदूर आ गए। इस भीषण दुर्घटना में कुल छह मजदूरों की जान चली गई थी, जिनमें ईचागढ़ प्रखंड के दो जुझारू मजदूर भी शामिल थे। मृतकों की पहचान बुरुहातू निवासी शिव शंकर सिंह मुंडा और हुंडी निवासी परमेश्वर महतो के रूप में हुई थी। जैसे ही इनकी मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया था। सोमवार को दोनों के गांवों में विधिवत श्राद्धकर्म का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल होने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।

विधायक ने साझा किया दुख, मुआवजे पर दी जानकारी


श्राद्धकर्म में शामिल होने पहुंचीं विधायक सविता महतो ने परिजनों से काफी देर तक बातचीत की। उन्होंने कहा कि यह बेहद हृदयविदारक है कि हमारे क्षेत्र के नौजवानों को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है और वहां उनके साथ ऐसी अनहोनी हो जाती है। विधायक ने स्पष्ट किया कि हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता दिखाई गई थी, जिसके परिणामस्वरूप संबंधित कंपनी की ओर से मृत मजदूरों के परिजनों को तय मुआवजा राशि प्रदान कर दी गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि पैसा कभी किसी इंसान की कमी को पूरा नहीं कर सकता, लेकिन यह पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल जरूर प्रदान करेगा। विधायक ने घोषणा की कि यदि भविष्य में बच्चों की शिक्षा या परिवार के भरण-पोषण के लिए किसी अन्य सहायता की आवश्यकता होगी, तो वह राज्य सरकार के स्तर पर भी प्रयास करेंगी।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

इस शोक सभा और श्राद्ध कार्यक्रम में केवल विधायक ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। झामुमो के केंद्रीय सदस्य काबलू महतो, प्रखंड अध्यक्ष निताई उरांव, कृष्णा किशोर महतो, सपन आदित्यदेव और किशुन किस्कू ने भी मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि शिव शंकर सिंह मुंडा और परमेश्वर महतो अपने परिवार के मुख्य आधार स्तंभ थे। उनकी कमी को कभी भरा नहीं जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों की आंखें भी नम थीं। सभी ने एक स्वर में मांग की कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए और कड़े कानून बनने चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसा दिन न देखना पड़े। विधायक और अन्य नेताओं ने अंत में परिजनों को आश्वस्त किया कि वे अकेले नहीं हैं, पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।