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शहीद दिवस पर रक्तदान शिविर का आयोजन, कुणाल षाड़ंगी ने 87वीं बार किया रक्तदान

 जमशेदपुर: शहीद दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर आज लौहनगरी में महान स्वतंत्रता सेनानियों—भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद करते हुए एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई, बल्कि समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण भी पेश किया गया।



स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित रक्तदान का महाकुंभ

आज का दिन भारतीय इतिहास में उन वीर सपूतों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। इसी वीरता और त्याग की भावना को आत्मसात करते हुए, सोनारी स्थित गुरुद्वारा परिसर में एक भव्य रक्तदान शिविर लगाया गया। यह आयोजन जमशेदपुर ब्लड वॉरियर्स के सक्रिय सहयोग से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, सोनारी एवं सिख नौजवान सभा, सोनारी के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

शिविर की शुरुआत शहीदों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों और 'मानव सेवा ही माधव सेवा है' के संकल्प से गुंजायमान रहा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं के बीच शहीदों की स्मृति को जीवंत रखना और आपातकालीन स्थिति में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना था।

कुणाल षाड़ंगी का 87वां रक्तदान: युवाओं के लिए बने प्रेरणा

इस शिविर का सबसे मुख्य आकर्षण झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता और पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी की उपस्थिति रही। उन्होंने स्वयं रक्तदान कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की। उल्लेखनीय है कि यह कुणाल षाड़ंगी का 87वां रक्तदान था, जो समाज के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है।

रक्तदान करने के पश्चात मीडिया से बातचीत में कुणाल षाड़ंगी ने कहा, "शहीदों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, हम उनके ऋणी हैं। आज के दिन रक्तदान करना उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि देने जैसा है। जब हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हैं, तो हमें यह समझना चाहिए कि हमारे रक्त की एक बूंद किसी का जीवन बचा सकती है।" उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और नियमित रूप से रक्तदान को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

सामुदायिक सहयोग और युवाओं का उत्साह

शिविर की सफलता में स्थानीय समितियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार बलबीर सिंह एवं महासचिव सरदार गुरदयाल सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि सिख समुदाय हमेशा से सेवा कार्यों में अग्रणी रहा है और शहीदों के सम्मान में इस तरह के आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे।

दोपहर तक चले इस शिविर में सोनारी और आसपास के क्षेत्रों से आए युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। जमशेदपुर ब्लड वॉरियर्स की टीम ने सभी रक्तदाताओं का उचित स्वास्थ्य परीक्षण किया और प्रमाणपत्र प्रदान कर उनकी हौसला अफजाई की। लोगों ने इस संदेश के साथ शिविर का समापन किया कि देशभक्ति केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में भी निहित है।

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