Kolkata News: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा चढ़ गया है। शुक्रवार को कोलकाता में एक भव्य आयोजन के दौरान तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी का चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) जारी किया। इस घोषणापत्र को '10 प्रतिज्ञाओं' के नाम से पेश किया गया है, जो आगामी पांच वर्षों के लिए टीएमसी के विकास मॉडल का खाका पेश करता है। ममता बनर्जी ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 15 वर्षों में जो काम किया है, जनता उस पर मुहर लगाएगी और टीएमसी पहले से अधिक बहुमत के साथ सत्ता में लौटेगी। इस घोषणापत्र में लोक-लुभावन योजनाओं के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में सुधार पर विशेष जोर दिया गया है।

'दुआरे चिकित्सा': अब घर के दरवाजे पर मिलेगा इलाज

TMC के घोषणापत्र की सबसे क्रांतिकारी और महत्वाकांक्षी योजना 'दुआरे चिकित्सा' है। 'दुआरे सरकार' और 'दुआरे राशन' की सफलता के बाद, ममता बनर्जी ने अब स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे जनता के घर तक पहुँचाने का संकल्प लिया है। इस पहल के तहत, राज्य के हर ब्लॉक, कस्बे और दूरदराज के गांवों में नियमित रूप से विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। यहाँ विशेषज्ञों द्वारा जांच, परामर्श और आवश्यक दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जाएंगी। इसका मुख्य उद्देश्य बड़े अस्पतालों में लगने वाली भीड़ को कम करना और बुजुर्गों व ग्रामीण आबादी को इलाज के लिए शहरों की ओर दौड़ने से बचाना है।

'लक्ष्मी भंडार' में बड़ी बढ़ोतरी: महिलाओं को मिला आर्थिक संबल

महिला वोट बैंक को साधने में ममता बनर्जी हमेशा आगे रही हैं। इस बार उन्होंने अपनी सबसे लोकप्रिय योजना 'लक्ष्मी भंडार' के तहत दी जाने वाली मासिक वित्तीय सहायता में 500 रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी का वादा किया है। ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि महिलाओं का आर्थिक रूप से सशक्त होना ही एक मजबूत समाज की नींव है। सहायता राशि में इस वृद्धि से राज्य की करोड़ों महिलाओं की क्रय शक्ति बढ़ेगी और वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी। विपक्षी दलों के लिए यह घोषणा एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण का व्यापक मॉडल

घोषणापत्र में सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। टीएमसी ने वादा किया है कि समाज के गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए चल रही सभी मौजूदा योजनाओं का विस्तार किया जाएगा। वृद्धावस्था पेंशन और विधवा पेंशन जैसी योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आवेदन प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य 'अंतिम व्यक्ति' तक सरकारी लाभ पहुँचाना है, ताकि कोई भी नागरिक बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक जीवन से वंचित न रहे।

युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप पर फोकस

बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए, टीएमसी ने अपने घोषणापत्र में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का विस्तृत रोडमैप पेश किया है। राज्य में नए औद्योगिक पार्क विकसित करने और आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया है। इसके अलावा, युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण और तकनीकी सहायता देने की बात कही गई है। शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए नए संस्थानों की स्थापना और 'स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' योजना को और अधिक प्रभावी बनाने का वादा भी शामिल है।

कृषि और कृषक बंधु योजना का विस्तार

बंगाल एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की गई है। टीएमसी ने 'कृषक बंधु' योजना के तहत दी जाने वाली वार्षिक सहायता राशि को बढ़ाने और फसल बीमा की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने का वादा किया है। घोषणापत्र में कहा गया है कि सरकार कोल्ड स्टोरेज की श्रृंखला का विस्तार करेगी ताकि किसानों की उपज खराब न हो और उन्हें सही बाजार मूल्य मिल सके। सिंचाई सुविधाओं के आधुनिकीकरण और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज की भी घोषणा की गई है।

बुनियादी ढांचा और डिजिटल बंगाल का सपना

घोषणापत्र में बुनियादी ढांचे के विकास को 'डिजिटल बंगाल' के सपने से जोड़ा गया है। गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने के साथ-साथ पंचायतों को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस करने का लक्ष्य रखा गया है। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था (Drainage System) में सुधार और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स का वादा किया गया है। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल अब वैश्विक निवेश के लिए तैयार है और आने वाले पांच साल राज्य की औद्योगिक सूरत बदल देंगे।

चुनावी समर और जनता का भरोसा

TMC का यह घोषणापत्र पूरी तरह से 'कल्याणकारी राजनीति' पर केंद्रित नजर आता है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के इन वादों से ममता बनर्जी ने अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है। हालांकि, विपक्षी दल इन वादों को केवल 'चुनावी स्टंट' करार दे रहे हैं। अब गेंद बंगाल की जनता के पाले में है। देखना दिलचस्प होगा कि क्या 'दुआरे चिकित्सा' और 'लक्ष्मी भंडार' में बढ़ोतरी जैसे दांव टीएमसी को लगातार चौथी बार सत्ता की कुर्सी तक पहुँचा पाएंगे।